Sun. May 31st, 2020

महिलाओं ने वट सावित्री की पूजा कर मांगा अखंड सुहाग

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छत पर पूजा करतीं महिलाएं

रांची : झारखंड की राजधानी रांची के विभिन्न जगहों पर शुक्रवार को सुहागिनों ने वट सावित्री पूजा कर पति की दिर्घायु की कामना की। वहीं, सुख, शांति, समृद्धि के लिए ईश्वर की आराधना की। पूजा करने के बाद वट वृक्ष को रक्षा सूत्र बांध कर परिक्रमा की। पंखा डुलाई, और वट वृक्ष के पत्ते को बालों में लगाया। सुहागिनों ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाई।

सुबह से ही महिलाओं की भीड़ बरगद के पेड़ों के नीचे जुटने लगी थी। इस दौरान महिलाओं ने मास्क पहना और दो गज की शारीरिक दूरी का ध्यान रखा। कुछ महिलाओं ने अपने घरों के छत पर भी पूजा की। मंत्रोचार कर रहे ब्राह्मणों ने एक बार में सिर्फ पांच महिलाओं को ही फेरा लगाने का निर्देश दिया।

इस दौरान महिलाएं बारी-बारी से बरगद के पेड़ का फेरा लगाईं और उसमें लाल धागे बांधे। ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन मनाए जाने वाले वट सावित्री पूजन को लेकर पूरे दिन शहर के कोकर, हिनू, बिरसा चौक, रातू रोड, चुटिया सहित विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम होते रहे। मान्यता के अनुसार बरगद के वृक्ष के जड़ों में भगवान ब्रह्मा, तने में भगवान विष्णु, व डाली और पत्तों में भगवान शिव का निवास होता है।

आज के दिन महिलाएं इस पेड़ के नीचे इन तीनों देवताओं का आवाह्न कर अपने पति के लंबी उम्र की कामना करती हैं। इस अवसर पर ब्राह्मणों ने देवी सावित्री और उनके पति सत्यवान की कथा भी व्रतियों को सुनाय। कथा के माध्यम से सुहागिन महिलाओं ने भी अपने पति की लंबी उम्र और परिवारजनों के सुखी संपन्न होने की प्रार्थना की।

कोकर की रहने वाली तनुजा शर्मा ने कहा कि वह पिछले सात वर्षों से वट सावित्री पूजा व्रत करती आ रही हैं। इस बार उनके पति उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि वह पहली बार घर में डाल लगाकर पूजा अर्चना की हैं। रूनी देवी ने कहा कि उनकी यह पहली पूजा है। इसे लेकर काफी उत्साह है। वह अपने जेठानी के साथ छत पर ही पूजा की हैं। सुंदर बिहार की बेबी सिंह ने कहा कि वह अपने पति की लंबी उम्र के लिए पिछले 15 वर्षों से पूजा कर रही हैं। इस दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर दोपहर बाद भी महिलाएं वट सावित्री की पूजा करती रहीं।

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