Mon. Nov 23rd, 2020

केंद्र सरकार से अपना हक-अधिकार छीन कर लेंगे : हेमंत सोरेन

1 min read

दुमका : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा गैर भाजपा शासित राज्यों में विकास कार्यां को रोकने या परेशान करने का काम किया जा रहा है। भाजपा के हिडेन एजेण्डा में गैर भाजपा शासित राज्यों को कमजोर कर किसी तरह से अपनी सत्ता को बनाये रखने और राज्यों की गैर भाजपा नेतृत्व वाली सरकार को अस्थिर कर सत्ता हथियाने की रही है।

हेमंत सोरेन ने दुमका में शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि झारखंड का केंद्र सरकार के पास एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का बकाया हैं, इस राशि की मांग केंद्र सरकार से लगातार की जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र से अपना हक-अधिकार छीन कर लेंगे। राज्य सरकार यह चाहती है कि यहां भी हर नागरिक को बेहतर आधारभूत और स्वास्थ्य सुविधा मिलें, रोजगार मिले और मानदेय में बढ़ोत्तरी हो। लेकिन केंद्र सरकार कोई सहयोग देने के बजाय झारखंड सरकार के खाते से भी असंवैधानिक तरीके से राशि निकालने में जुटी है, आजादी के बाद देश में ऐसा दूसरा बार हुआ है।

केंद्र सरकार में शामिल झारखंड के सांसद और भाजपा नेताओं को भी यह प्रयास करना चाहिए कि झारखंड का बकाया पैसा जो केंद्र सरकार के पास रूका है, वह जल्द से जल्द मिले। उन्होंने कहा कि भले ही भाजपा नेता अभी केंद्र सरकार की बोली बोल रहे है, लेकिन आने वाले समय में उन्हें चुनाव झारखंड से ही लड़ना होगा, तब जनता यह पूछेगी कि राज्य के हितों की अनदेखी क्यो की।

त्रिपक्षीय समझौते में कोयला कंपनियों को भी जोड़े जाने की जरूरत

डीवीसी के बकाया के नाम पर 1417 करोड़ रुपये आरबीआई द्वारा काट लिये जाने के संबंध में हेमंत सोरेन ने कहा कि सारा बकाया पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार के कार्यकाल की है। उस दौरान रघुवर सरकार की ओर से डीवीसी बकाया भुगतान के रूप में एक अठन्नी का भी भुगतान नहीं कया गया, करीब 5000 करोड़ रुपये का डीवीसी का बकाया हो गया, लेकिन तब डीवीसी ने एक बार भी न तो बिजली काटी और न ही राशि में कटौती की, परंतु जब झारखंड सरकार ने 70 से 75 हजार करोड़ रुपये बकाया राशि वसूली को लेकर केंद्र पर दबाव बनाया, तो इस तरह का सौतेलापूर्ण व्यवहार किया गया।

उन्होंने कहा कि जिस एमओयू के नाम पर सीधे राज्य सरकार के खाते से यह राशि निकाल लिया गया, वह समझौता किसके कार्यकाल में हुआ, यह सभी को पता है। उस त्रिपक्षीय समझौते में चौथे पक्ष के रूप में कोयला कंपनियों को भी जोड़े जाने की जरूरत थी।

बाबूलाल मरांडी ने जिस तरह से रंग बदला, इतनी तेजी से किसी चीज को रंग बदलते नहीं देखा

हेमंत सोरेन ने कहा कि बाबूलाल मरांडी के राजनीतिक चरित्र में कुछ महीने में इतना बड़ा बदलाव आया है, इसका कारण किसी भी व्यक्ति के समझ से परे है। उन्होंने कहा कि जिस तेजी से बाबूलाल मरांडी में बदलाव आया , इतनी तेजी से किसी चीज को आज तक उन्होंने बदलते नहीं देखा। आज बाबूलाल मरांडी संताल परगना से क्षेत्र के सर्वमान्य नेता को खदेड़ना चाहते है और छत्तीसगढ़ी को लाना चाहते है।

उन्होंने कहा कि चंद महीने तक भाजपा के विरोध में बात करने वाले बाबूलाल मरांडी को अब यह साफ करना चाहिए कि सीएनटी-एसपीटी कानून के बारे में उनकी राय क्या है। झारखंड मोमेंटम में लूट पर उनकी क्या राय है, छोटे-छोटे मुकदमों में जेल बंद आदिवासियों की रिहाई के मसले पर उनकी क्या राय है, नौकरी दिलाने के नाम पर नक्सली के रूप में सरेंडर कराने के फर्जी तरीके , कंबल घोटाले, मैनहर्ट घोटाले और जमीन घोटाले पर उनकी राय अब क्या है। जिस तरह से फादर स्टेन स्वामी की गिरफ्तारी हुई है, उन पर बाबूलाल मरांडी को क्या कहना है।

अपने नौ महीने से अधिक समय के कार्यकाल की उपलब्धियों को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्षां से झारखंड की आदिवासी बच्चियों को बड़े शहरों में ले जाने और उनके शोषण की खबरें मिलती रहती है, मानव तस्करी की शिकार ऐसे बच्चियों को वापस लाया जा रहा है, अगले कुछ दिनों में आठ से दस हजर ऐसी बच्चियों को सूबे में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चियों के मानव तस्करी में भजपा के लोग भी संलिप्त रहे है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले कुछ दिनों में दर्जनों खिलाड़ियों को भी नियुक्ति पत्र दिया जाएगा, अब राज्य के खिलाड़ियों को न तो हड़िया बेचना पड़ेगा और न ही उन्हें ईट ढोना पड़ेगा।

भाजपा ने वोट काटने के लिए कई निर्दलीय को चुनाव मैदान में उतारा

दुमका विधानसभा उपचुनाव में पार्टी का मुख्य मुकाबला भाजपा के साथ है। लेकिन भाजपा ने झामुमो उम्मीदवार का वोट काटने के लिए कई निर्दलीय प्रत्याशियों को भी चुनाव में खड़ा कर रखा है। लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार है, कुछ लोग छल-प्रपंच, साम-दंड-भेद समेत सारी चीजों का प्रयोग करते है। भाजपा के दिग्गज नेता, मंझोले और छोटे-बड़े नेताओं सभी घूम रहे है, कुछ राज्य स्तरीय और कुछ राष्ट्रीय नेता भी घूम रहे हैं। वे खुद और जेएमएम उम्मीदवार पहले से ही यहां से चुनाव जीतते रहे है, भाजपा को तो यदाकदा जीत मिली है। इस बार भी झामुमो की जीत सुनिश्चित है।

भाजपा शासन में सड़कों की स्थिति जर्जर हुई

दुमका और संतालपरगना की कुछ सड़कों की खास्ताहाल स्थिति के संबंध में पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में हेमंत सोरेन ने कहा कि रघुवर दास सरकार के पहले जब छह वर्ष पहले वे मुख्यमंत्री थे, तो लोग इन सड़कों की प्रशंसा करते थकते थे, लेकिन पिछले पांच सालों में भाजपा ने इन सड़कों की मरम्मति पर कोई ध्यान नहीं दिया, लेकिन अब स्थिति में जल्द ही सुधार हो जाएगी।

नौ महीने तक गर्भवती महिला की तरह परेशानियों से गुजरना पड़ा

पिछले नौ महीने के कार्यकाल में विकास की धीमी गति को लेकर भाजपा लगाये जा रहे आरोप पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक गर्भवती महिला नौ महीने तक किन परिस्थितियों से गुजरती है, यह उसी को पता होता है। सरकार का कामकाज शुरू करते ही वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के कारण विकट परिस्थितियां उत्पन्न हुई, लेकिन अब विकास कार्यां में गति आएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार भले ही झारखंडवासियों के हक-अधिकार को देने में आना-कानी करें, लेकिन अब राज्य के लोगों को अपना हक-अधिकार छीन कर लेना भी आ गया है।

shares
error

Enjoy this blog? Please spread the word :)