Sat. Jan 23rd, 2021

कोरोना के खौफ को मात दे वोटरों ने दिखाया भारी उत्साह

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बेरमो उपचुनाव में 60.20 प्रतिशत मतदान

बोकारो : जिले की बेरमो विधानसभा सीट पर उपचुनाव के तहत मंगलवार को हुए मतदान में वोटरों ने कोरोना महामारी के खौफ को भी मात देते हुए भारी उत्साह दिखाया। इस दौरान कुल मिलाकर लगभग 60.20 प्रतिशत मतदान हुए।

इसके साथ ही बेरमो विधानसभा सीट पर चुनावी दंगल में उतरे कुल 16 उम्मीदवारों की तकदीर आज ईवीएम में कैद हो गई। इन सभी उम्मीदवारों की किस्मत का अब फैसला अब आगामी 10 नवम्बर को चास स्थित कृषि उत्पादन केन्द्र में होने वाली मतगणना के बाद ही हो सकेगा।

वैसे फिलहाल इतना तो निश्चय ही कहा जा सकता है कि बेरमो सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा के योगेश्वर महतो बाटुल तथा कांग्रेस के कुमार जयमंगल सिंह के बीच ही होना तय माना जा रहा है। प्रशासन के लिए सुखद यह रहा कि कई मतदान केन्द्र उग्रवाद प्रभावित इलाकों में होने के बावजूद वोटिंग के दौरान कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

हालांकि खबर यह भी है कि विगत विधानसभा चुनाव में हुए मतदान की तुलना में इस उपचुनाव में लगभग 12,500 मतदान कम हुए हैं। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह- उपायुक्त राजेश सिंह के अनुसार कुल 60.20 प्रतिशत वोटिंग हुई है। मतदान शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया। इसके लिए उन्होंने सभी मतदाताओं के साथ-साथ चुनाव कार्य में लगे मतदानकर्मियों, सुरक्षाकर्मियों व अन्य लोगों के प्रति आभार जताया है।

उपायुक्त के अनुसार सभी 468 बूथों पर तयशुदा 7 बजे मतदान शुरू हो गया। प्रारंभिक दौर में छह जगहों पर ईवीएम में मामूली खराबी सामने आयी, लेकिन समय रहते उन्हें दुरुस्त कर लिया गया। उन्होंने बताया कि कुल 1.07 प्रतिशत टेक्निकल फॉल्ट रहा, जो बहुत कम था।

बूथ संख्या- 130, 133 और 137 पर तकनीकी खराबी सामने आयी, जिसे ठीक किया गया। मतदान कहीं भी बाधित नहीं हुआ। वोटिंग के दौरान प्रशासन की ओर से कोरोना संक्रमण से बचाव के हर एहतियातन उपाय किए गए थे। प्रत्येक बूथ पर वोटरों के बीच छह फुट की दूरी बनाए रखने के लिए गोल घेरे बनाए गए थे।

हरेक मतदाता की ईवीएम रूम में प्रवेश से पहले थर्मल स्कैनिंग कर उनके शरीर का तापमान मापा जा रहा था। फिर हाथों को सैनिटाइज करने और एक हाथ का ग्लव्स देने के बाद ही उन्हें वोट डालने दिया जा रहा था। इधर, डीसी राजेश सिंह और एसपी चंदन कुमार झा जिला नियंत्रण कक्ष से चुनाव पर नजर बनाए हुए रहे।

87 बूथों से वेबकास्टिंग होती रही। उपायुक्त राजेश सिंह ने बेरमो विधानसभा के जरीडीह प्रखंड के बूथ नंबर 293 एवं 289 बांधडीह एवं मतदान केंद्र संख्या 300 एवं 301 टांडमोहनपुर स्थित मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने मतदान केंद्र पर स्थित सुविधाओं के बारे में जानकारी ली तथा कोविड 19 के पालन एवं मतदान की स्थिति का जायजा लिया।

चाक-चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था

बेरमो से हमारे संवाददाता के अनुसार वोटिंग के क्रम में सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था रही। ऐसी मुस्तैदी कि परिंदा भी पर न मार सके। प्रत्येक बूथ पर पर्याप्त संख्या में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवान मुस्तैद रहे। डॉग स्क्वॉयड भी लगा रहा। इसी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बेरमो प्रखंड अंतर्गत अरमो के सभी तीन बूथों- नई बस्ती, गंडके और अरमो को मिलाकर 73 प्रतिशत वोटिंग हुई।

2019 में 61.13 प्रतिशत पड़े थे वोट

मालूम हो कि पिछले चार चुनावों को मिलाकर इस बार का प्रतिशत तीसरे स्थान पर रहा। वर्ष 2005 में 55.15%, 2009 में 59.74%, 2014 में 65.40% और 2019 में 61.13% वोटिंग हुई थी। मतदान के दौरान जैसे-जैसे समय बीतता गया, वोटरों की कतारें भी लंबी होती चली गईं। डीसी ने कहा कि 3 बजे तक बेरमो विधानसभा के जरीडीह प्रखंड में सबसे अधिक 62.38 प्रतिशत, बेरमो में 51.31 प्रतिशत, चंद्रपुरा में 53.56 प्रतिशत तथा पेटरवार में 65.69 प्रतिशत मतदान हुए। 3 बजे तक अधिकतर बूथों पर मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पड़े 80 प्रतिशत वोट

बोकारो थर्मल : बेरमो विधानसभा अंतर्गत बोकारो थर्मल के नक्सल प्रभावित अरमो पंचायत के गंडके, अरमो एवं नयी बस्ती स्थित एक, दो, दो ए तथा तीन एवं तीन ए नंबर मतदान केंद्रों पर मंगलवार को कुल 80 प्रतिशत मतदान हुए। जबकि, अरमो पंचायत के ही गंडके स्थित 1 नंबर मतदान केन्द्र पर मतदान 70 फीसदी रहा। बोकारो थर्मल के गोविंदपुर सी पंचायत स्थित डिग्री कॉलेज के दो मतदान केंद्रों पर मतदान प्रतिशत 30 रहा। गोविंदपुर बी पंचायत के कारो स्पेशल फेज दो स्थित उमवि के दो मतदान केंद्रों पर मतदान 35 फीसदी रहा। बोकारो थर्मल के कुल 33 मतदान केंद्रों पर मतदान का प्रतिशत महज 50 फीसदी ही रहा। जबकि, विधानसभा के गत वर्ष हुए आम चुनाव में भी मतदान 52 फीसदी रहा था।

ग्रामीणों में दिखा ज्यादा उत्साह

मंगलवार को हुए उपचुनाव में बोकारो थर्मल सहित अरमो के मतदान केन्द्रों पर लोकतंत्र के महापर्व को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा गया। ग्रामीण वोटरों की तुलना में शहरी वोटरों में मतदान को लेकर उत्साह कम देखा गया। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने जोरदार वोटिंग कर लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी अहम भूमिका अदा की। सुबह सात बजे से ही बोकारो थर्मल के शहरी क्षेत्रों के मतदाता मतदान केंद्रों पर सब काम छोडकर मतदान करने के लिए लाइन में लग गये थे। जबकि अरमो एवं गंडके के मतदान केंद्रों पर ग्रामीण मतदाता अपने सभी कामों को छोड़कर सुबह पांच बजे से ही मतदान करने को लेकर खड़े हो गये। अरमो के मतदान केंद्र पर सुबह से ही वोट देने को लेकर ग्रामीणों की भीड़ को देखकर कई मतदाता दोपहर बाद आने की बात कहकर लौट गये।

डीएसपी एवं सीओ ने किया निरीक्षण

बेरमो के एसडीपीओ सतीशचंद्र झा तथा बेरमो सीओ सह प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी मनोज कुमार एवं इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार सिंह ने बोकारो थर्मल के अलावा नक्सल प्रभावित अरमो, गंडके एवं नयी बस्ती स्थित मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। पुलिस पदाधिकारियों के निर्देश के बाद मतदान में तेजी देखने को मिली। अरमो, गंडके, नयी बस्ती के ग्रामीण क्षेंत्रों के बूथों में मतदाताओं की लंबी कतार सुबह से ही देखने को मिली। बोकारो थर्मल के शहरी क्षेत्रों के कई बूथ, मसलन सीसीएल कारो स्पेशल फेज दो, डिग्री कॉलेज, डीवीसी उच्च विद्यालय, बेसिक स्कूल आदि खाली दिखे, जिस कारण मतदाताओं को बूथों में कतार नहीं लगाना पड़ा और आसानी से अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

वृद्ध व लाचार वोटरोें ने भी डाला वोट

बोकारो थर्मल में ठंड के बावजूद वृद्ध एवं लाचार वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में कार्य किया। 85 वर्षीय ललिया देवी ने लाल चौक स्थित 4 नंबर मतदान केंद्र पर, 65 वर्षीय बसारत अली ने डिग्री कॉलेज के मतदान केंद्र पर तथा कई विकलांगों ने कार्मेल स्कूल, राजाबाजार के सामुदायिक भवन स्थित मतदान केन्द्रों पर मतदान किया।

लोकसभा की तुलना में कम हुआ मतदान

चुनाव आयोग और बोकारो जिला प्रशासन द्वारा चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढ़ाने को लेकर एक ओर जहां छह माह पूर्व से ही से सक्रियता बरती गई, वहीं इस प्रयास के बाद भी विधानसभा के उपचुनाव में मतदान का प्रतिशत विगत मई 2019 में संपन्न लोकसभा तथा दिसंबर 2019 में संपन्न विधानसभा के आम चुनाव की तुलना में कम ही रहा। बोकारो थर्मल के सभी मतदान केन्द्रों पर लोकसभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत 57 रहा था, जबकि विधानसभा में गिरकर 52 हो गया था और विधानसभा के उपचुनाव में बोकारो थर्मल के शहरी क्षेत्रों के कई मतदान केंद्रों पर महज 40 प्रतिशत मतदाताओं ने ही वोट डाले। चुनाव में मतदाताओं की उदासीनता समझ से परे है।

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