Wed. Oct 23rd, 2019

आरे कालोनी में पेड़ों की कटाई जारी, प्रकाश आंबेडकर सहित 50 पर्यावरण प्रेमी हिरासत में

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मुंबई : आरे कालोनी में पेड़ कटाई का विरोध करने जा रहे वंचित बहुजन आघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। प्रकाश आंबेडकर को पुलिस ने पवई पुलिस स्टेशन में रखा है। प्रकाश आंबेडकर ने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे में पेड़ काटने की क्या जरूरत है। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पेड़ों की कटाई के लिए राज्य सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है।

रविवार को भी आरे कालोनी में मेट्रो प्राधिकरण की ओर से युद्ध स्तर पर पेड़ों की कटाई जारी है। मेट्रो कालोनी के 5 किलोमीटर की परिधि में धारा 144 लागू की गई है और भारी पुलिस बंदोबस्त है। इसके बावजूद पर्यावरण प्रेमी आरे कालोनी में कट रहे पेड़ों का विरोध कर रहे हैं। पुलिस ने रविवार को सुबह से प्रकाश आंबेडकर सहित 50 पर्यावरण प्रेमियों को हिरासत में लिया है। सभी को अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में रखा गया है। बताया जा रहा है कि शनिवार को देर रात तक आरे कालोनी में 1800 पेड़ काट डाले थे। संभावना जताई जा रही है कि रविवार को मेट्रो प्राधिकरण यहां मेट्रो कारशेड के लिए 2646 पेड़ काट डालेगी।

इस मामले में कल पुलिस ने 29 लोगों पर मामला दर्ज किया था और बोरीवली सत्र न्यायालय में पेश किया था। कोर्ट ने शनिवार को इन सभी को सोमवार तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा था लेकिन रविवार को अवकाशकालीन बोरीवली सत्र न्यायालय ने प्रत्येक को 7 हजार रुपये का बांड भरने की शर्त पर जमानत मंजूर दे दी है। इन पर्यावरण प्रेमियों में छह महिलाएं व कई बच्चे भी शामिल हैं।

आरे कालोनी में कट रहे पेड़ों की कटाई का जोरदार विरोध भाजपा को छोड़कर सभी राजनीतिक दलों ने किया है। शिवसेना की ओर से मुंबई में कई जगह पर पोस्टर लगाए गए हैं और जबरन की जा रही पेड़ों की कटाई का विरोध किया गया है। मुंबई मेट्रो रेल कारपोरेशन की संचालक अश्विनी भिड़े ने आरे में पेड़ों की कटाई का पुरजोर समर्थन किया है।

भिड़े ने कहा कि आरे कालोनी में पेड़ों की कटाई की अनुमति 13 सितम्बर को ही वृक्ष हरित प्राधिकरण ने दी थी। इसके विरोध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जब हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी तो उसके बाद यहां पेड़ों की कटाई शुरू की गई है। साथ ही मेट्रों प्राधिकरण की ओर से पर्यावरण के संरक्षण का पूरा इंतजाम किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘सेव आरे आंदोलन पर्यावरण’ की रक्षा के नाम पर खुद के फायदे के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आंदोलनकर्ताओं से कोर्ट के निर्णय का सम्मान करने की अपील भी की है।

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