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गंभीर पर पूर्वी दिल्ली सीट भाजपा की झोली में डालने की जिम्मेदारी

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मौजूदा सांसद गिरि का टिकट कटने के बाद चुनावी पिच पर उतरे गंभीर के सामने कांग्रेस तेज तर्रार नेता अरविंदर सिंह लवली और आप की आतिशी मार्लिना मैदान में

10.05.2019

नयी दिल्ली : क्रिकेटर से राजनीति में उतरे गौतम गंभीर के कंधों पर पूर्वी दिल्ली की प्रतिष्ठित लोकसभा सीट त्रिकोणीय मुकाबले में जीतकर एक बार फिर भाजपा की झोली में डालने की बड़ी जिम्मेदारी है। पिछले आम चुनाव में दिल्ली की सातों सीटों पर भाजपा ने कांग्रेस को पटखनी दी थी और पहली बार चुनाव मैदान में उतरे महेश गिरी ने दो बार के सांसद रहे पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पुत्र संदीप दीक्षित को पटखनी दी थी। वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव राजधानी का पहला आम चुनाव था जब यहां आम आदमी पार्टी (आप) की मौजूदगी में त्रिकोणीय मुकाबला हुआ था। नवोदित आप पार्टी 2014 में दिल्ली की सभी सातों संसदीय सीटों पर कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए दूसरे स्थान पर रही थी।

इस बार के आम चुनाव में पूर्वी दिल्ली संसदीय सीट की खासियत यह है कि रेस में शामिल सभी तीनों दलों ने अपने उम्मीदवार बदले हैं। भाजपा ने मौजूदा सांसद गिरि का टिकट काटकर गंभीर को चुनावी बैटिंग के लिए उतारा है तो कांग्रेस ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और शीला सरकार में मंत्री रहे युवा और तेज तर्रार नेता अरविंदर सिंह लवली को टिकट दिया है। आप ने पिछले चुनाव में उम्मीदवार रहे महात्मा गांधी के पौत्र राजमोहन गांधी की जगह आतिशी मार्लिना को मैदान में उतारा है।

पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र में दिल्ली विधानसभा की 70 में से 10 विधानसभा सीटें गांधी नगर, कृष्णा नगर, विश्वास नगर, शाहदरा, पटपड़गंज, लक्ष्मीनगर, कोंडली, त्रिलोकपुरी, ओखला और जंगपुरा आती है। विधानसभा के पिछले चुनाव में दिल्ली में इतिहास रचने वाली आप ने इनमें से नौ सीटों पर विजय हासिल की थी। इस संसदीय क्षेत्र की केवल विश्वास नगर विधानसभा सीट भाजपा की झोली में आयी थी और ओम प्रकाश शर्मा विजयी हुए थे। गांधी नगर सीट से आप के टिकट पर विधायक चुने गए अनिल बाजपेयी ने हाल ही में पार्टी का दामन छोड़कर भाजपा का पल्ला पकड़ लिया है।

क्रिकेट के मैदान में ओपनिंग बल्लेबाजी करने वाले गंभीर की राजनीति में भी यह शुरुआती पारी है और युवा होने के साथ मोदी के नाम से उत्साहित पार्टी कार्यकर्ताओं की पिच पर वह जीतने के लिए उतरे हैं। अपनी उम्मीदवारी को लेकर आप की तरफ से उठाये गये सवालों का गंभीर ने करार जवाब दिया है। क्षेत्र के लिए नये उम्मीदवार गंभीर को लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि वह वोट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नाम पर मांग रहे हैं और उम्मीद है कि जनता भी उनके नाम पर ही भाजपा के पक्ष में बढ़-चढ़ कर मतदान करेगी। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उम्मीदवार कौन है, इसका उन पर कोई फर्क नहीं पड़ता है, उन्हें तो पार्टी के लिए काम करना है।

गंभीर के भाषणों में श्री मोदी के नाम पर वोट मांगने का प्रमुखता से उल्लेख रहता है। वह लोगों से मोदी और भाजपा पर भरोसे की बात कर रहे हैं। इलाके में घूम-घूम कर प्रचार में जुटे गंभीर के भाषणों में राष्ट्रवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, दिव्य कुंभ, गौ सेवा, महापुरुषों का सम्मान, समान नागरिक संहिता, अनुसूचित जातियों के कल्याणा, सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण और देश के विकास की बातें होती हैं। इस सीट आप उम्मीदवार आतिशी दिल्ली सरकार की शिक्षा सलाहकार और पार्टी की राजनीतिक मामलों की सदस्य हैं। वह सरकारी स्कूलों की स्थिति और शिक्षा में सुधार के मुद्दे सहित राजधानी की कानून-व्यवस्था सुधार, महिला सुरक्षा, दिल्ली निवासियों को आवास, युवाओं को नौकरी, बच्चों को कॉलेजों में आसानी से दाखिला, स्वच्छता, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों की सीलिंग, कच्ची कालोनियों को पक्का और ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को दूर करने के नाम पर वोट मांग रही है।

कांग्रेस के लवली संसदीय क्षेत्र की ही गांधीनगर से पांच बार विधायक रहे हैं। वह शीला सरकार में शिक्षा, परिवहन और ऊर्जा विभाग जैसे कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों को वर्षों तक संभाल चुके हैं। उन्हें अपने दोनों प्रतिद्वंदियों के मुकाबले राजनीति का अधिक अनुभव है। वर्ष 2003 के विधानसभा चुनावों में उन्हें सर्वाधिक 73.53 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए। लवली कांग्रेस की ‘न्याय’ योजना, झुग्गी झोपड़यिों के लोगों को 500 वर्ग फुट का घर, 24 लाख सरकारी पदों पर भर्ती, शिक्षा बजट दोगुना, मुफ्त अनिवार्य शिक्षा, मुफ्त सार्वजनिक अस्पताल, आवश्यक सुविधाओं पर शून्य जीएसटी, पर्यावरण संरक्षण, अनुसूचित जाति जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की रिक्तियों पर भर्ती के नाम पर वोट मांग रहे हैं।

इस सीट पर कुल मतदाता 20 लाख 39 हजार 220 हैं जिनमें पुरुष मतदाता 10 लाख 94 हजार 36, महिला मतदाता आठ लाख 56 हजार 56 तथा 79 किन्नर मतदाता हैं। इस सीट को लेकर जातिगत समीकरण का विशेष महत्व नहीं है। यहां ब्राह्मण, पंजाबी, मुस्लिम, गुुर्जर, बाल्मिकी समाज के मतदाताओं की संख्या अधिक है।

पिछले 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को यहां पांच लाख 72 हजार 202 मत, आप को तीन लाख इक्यासी हजार सात सौ उनतालिस मत तथा कांग्रेस को दो लाख 32 हजार 40 मत प्राप्त हुये थे।

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