Sun. Jul 5th, 2020

शहीदों का नाम स्वर्णाक्षरों में लिखा जाता रहेगा : हेमंत सोरेन

1 min read

रांची : अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह का प्रतीक हूल दिवस पर मंगलवार को राज्य भर में कई कार्यक्रम आयोजित कर अमर शहीदों सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानों समेत सभी वीरों को शत-शत नमन किया गया। राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हूल दिवस पर सभी वीर शहीदों को नमन किया है। वहीं कोरोना संक्रमण काल के कारण सिदो-कान्हू की जन्मस्थली साहेबगंज जिले के भोगनाडीह में इस वर्ष किसी बड़े कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जा रहा है। सादगी से हूल दिवस पर वीर शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हूल दिवस के अवसर पर संताल विद्रोह के नायकों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्रोह का नेतृत्व करने वाले सिदो, कान्हू, चांद, भैरव, फूलों और झानों के साथ-साथ विद्रोह में शहादत देने वाले सभी वीरों का बलिदान सदैव झारखंडवासियों को प्रेरित करेगा। यह महत्वपूर्ण दिवस है। कोरोना संक्रमण के इस दौर में कार्यक्रम करना संभव नहीं था।

व्यक्तिगत रूप में लोग इस दिवस को मना रहे हैं। उम्मीद करता हूं, जब तक झारखंड रहेगा, शहीदों का नाम स्वर्णाक्षरों में लिखा जाता रहेगा। सभी झारखंडवासी इस गौरवपूर्ण दिवस के अवसर पर वीर शहीदों को स्मरण करें, ताकि आने वाली पीढ़ी वीरों की वीर गाथा से अवगत हो गौरवान्वित हो सके। आइये मिलकर शहीदों के सपनों को साकार करें।

1855 के संताल विद्रोह की 165वीं सालगिरह पर मंगलवार को उपराजधानी दुमका में पोखरा चोकि स्थित सिदो-कान्हू की आदमकद कांस्य प्रतिमा पर विभिन्न संगठनों एवं संस्थानों के लोगों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पूर्व उपमुख्यमंत्री और महेशपुर के विधायक प्रो स्टीफन मरांडी, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, जामा की विधायक सीता सोरेन, झामुमो युवा छात्र मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष बसंत सोरेन ने भी सिदो कान्हू की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया।

shares
error

Enjoy this blog? Please spread the word :)