Fri. Aug 7th, 2020

कश्मीर में आतंकियों के हौसले पस्त, एलओसी के पास मौजूद लॉन्चपैड ध्वस्त

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 नई दिल्ली : कश्मीर में आतंकियों के हौसले पस्त हैं। सेना की मानें तो अब वहां आतंकी टिक नहीं पा रहे। जितने आतंकी सीमापार से घुसपैठ करके आ रहे या फिर स्थानीय स्तर पर कोई नई भर्ती हो रही तो हफ्ते भर में या तो वे पकड़े जा रहे या फिर सुरक्षाबल उनका सफाया कर दे रहे। करीब एक साल पहले तक यह स्थिति थी कि घाटी में 200 से ज्यादा आतंकी एक साथ सक्रिय थे, लेकिन अब यह संख्या नाममात्र रह गई है।

सेना से जुड़े सूत्रों ने बताया कि नियंत्रण रेखा और सीमा पर चौकसी ज्यादा पैनी होने के कारण आतंकियों के लिए घुसपैठ मुश्किल हो रही है। कश्मीर में अनुच्छेद-370 हटाए जाने के बाद सेना ने नियंत्रण रेखा के पास मौजूद आतंकी लॉन्चपैड को ध्वस्त किया है।

पाकिस्तान की तरफ से हालांकि आतंकियों को कश्मीर में घुसाने की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो पा रहा है। पिछले दो महीनों में जो इक्का-दुक्का आतंकी घुसपैठ में कामयाब भी रहे तो वे कुछ ही दिनों के भीतर मुठभेड़ में मारे गए या फिर गिरफ्तार कर लिए गए।

सूत्रों के मुताबिक कश्मीर में तीन महीने से प्रीपेड इंटरनेट सेवाएं बंद होने और संचार के अन्य साधनों का इस्तेमाल निगरानी में होने से बड़ा फायदा हुआ है। इससे कट्टरपंथी गुटों और पाकिस्तानी आतंकी संगठनों की ओर से युवाओं को भड़काने की कोशिशें नाकाम हुई हैं। सेना के दावे को माना जाए तो पिछले तीन महीनों में स्थानीय स्तर पर एक भी आतंकी की भर्ती नहीं हुई है।

ऐसी भर्ती को सेना बीते साल से हतोत्साहित कर रही है और साल की शुरुआत में सुरक्षाबलों ने दावा किया था कि नए आतंकी बंदूक उठाने के छह महीने के भीतर ही मारे या पकड़े जा रहे हैं। सुरक्षाबलों का कहना है कि नए आतंकियों की भर्ती का चक्र करीब-करीब टूट चुका है।

इसलिए ध्यान इस बात पर है कि स्थिति को कायम रखा जाए। सेना से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस साल अब तक सीमापार से करीब 60-70 आतंकियों के घुसपैठ की खबर है, लेकिन ये सभी या तो मारे जा चुके हैं या सुरक्षाबलों के कब्जे में हैं।

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