Sun. May 31st, 2020

लद्दाख में भारत-चीन सीमा में बढ़ी सरगर्मी,लगाए 100 टेंट

नई दिल्ली : चीन लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ पैंगोंग त्सो झील और गलवान घाटी के आसपास के क्षेत्रों में तेजी से अपनी सेना बढ़ा रहा है। इससे साफ संकेत है कि वह भारतीय सेना के साथ अपने टकराव को खत्म करने को तैयार नहीं थी। विवादित क्षेत्र की स्थिति के जानकार लोगों ने बताया कि चीन ने से गलवान घाटी में अपने सैनिकों की मौजूदगी बढ़ा दी है।

चीन ने 100 लगाए टेंट

भारतीय सैनिकों के कड़े विरोध के बावजूद पिछले दो सप्ताह में चीन की फौज ने करीब100 टेंट लगाए हैं। बंकरों के संभावित निर्माण के लिए मशीनरी लाई गई है। बढ़ते तनाव के बीच, सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवने ने शुक्रवार को लेह में 14वीं कोर के मुख्यालय का दौरा किया और शीर्ष कमांडरों के साथ इस क्षेत्र में समग्र सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा की।

भारतीय सेना भी जवाब देने को है तैयार 

सैन्य सूत्रों ने कहा कि भारतीय सेना भी मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पैंगोंग त्सो झील और गलवान घाटी चीन के मुकाबले अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा रही है। उल्लेखनीय है गत पांच मई की शाम लगभग 250 चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच मारपीट के बाद पूर्वी लद्दाख के इस हिस्से में स्थिति बिगड़ गई। इस घटना में दोनों पक्षों के 100 जवान घायल हुए थे। पैंगोंग त्सो में हुई घटना के बाद नौ मई को उत्तरी सिक्किम में नाकुला पास में भी इसी तरह की घटना हुई थी।

तनाव पैदा कर रहा चीन

भारत ने गुरुवार को कहा कि चीनी सेना, भारतीय सैनिकों द्वारा सामान्य गश्त में बाधा डाल रही है। उसने यह भी कहा भारत सीमा प्रबंधन के लिए हमेशा ही बहुत ही जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाता आया है। एक मीडिया ब्रीफिंग में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने भी चीन के इस तर्क का जोरदार खंडन किया कि भारतीय सेना द्वारा चीनी पक्ष पर अत्याचार के कारण तनाव पैदा हुआ है।

 

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