Mon. Feb 17th, 2020

ट्विटर पर शराब माफिया और कोयला माफिया को एसपी ने लताड़ा

  • विधायक ममता देवी के नाम पर जालसाज व्यक्ति कर रहा था शराब माफिया की पैरवी

  • टि्वट कर पुलिस पर रिश्वत मांगने का लगाया आरोप

रामगढ़ : जिले में जाल साज और अवैध कोयला के कारोबारी रह चुके लोग अब शराब माफियाओं के पैरवी में जुटे हुए हैं। अवैध कारोबारियों को राजनीतिक संरक्षण देने के लिए ऐसे लोग पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाने से नहीं चूकते। शुक्रवार को एक ऐसे ही माफिया को पुलिस पर रिश्वत का आरोप लगाना महंगा पड़ गया।

पुलिस के ट्विटर हैंडल से एसपी प्रभात कुमार ने अवैध शराब माफिया को राजनीतिक संरक्षण देने वाले भोला कुमार दांगी को जमकर लताड़ा। यह मामला शुक्रवार की सुबह लगभग 11:30 बजे ट्विटर से ही शुरू हुआ। यहां गोला निवासी भोला कुमार दांगी, जो विधायक ममता देवी के भी काफी करीबी हैं ने एक ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि कुज्जू ओपी पुलिस एक गाड़ी को छोड़ने के लिए 10000 रिश्वत मांग रही है। उन्होंने रामगढ़ कोर्ट द्वारा जारी किया गया रिलीज़ आर्डर भी डीसी और पुलिस को टैग किया।

उन्होंने कहा कि 7 जनवरी को रामगढ़ कोर्ट ने उस गाड़ी को रिलीज करने का आदेश दिया है, लेकिन पुलिस बिना रिश्वत लिए उस गाड़ी को नहीं छोड़ रही है। जैसे ही मामला ट्विटर पर आया पुलिस ने जड़ खोदना शुरू कर दिया। चंद मिनटों में ही एसपी प्रभात कुमार ने यह पता लगा लिया कि भोला कुमार दांगी के द्वारा शराब माफियाओं और कोयला माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है।

एसपी ने शुक्रवार की शाम ट्विटर पर ही पूरी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। उन्होंने बताया कि कुजू थाना क्षेत्र में एक बोलेरो गाड़ी अवैध शराब की तस्करी करते पकड़ा गया था। इस मामले में गाड़ी मालिक बोकारो जिले के पेटरवार थाना क्षेत्र अंतर्गत खेटको गांव निवासी इम्तियाज अंसारी और चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

जांच में यह पता चला कि इम्तियाज अंसारी ने लगभग 1 साल पहले अपनी बोलेरो गाड़ी गोला के पूरबडीह निवासी राजेश को बेच दिया था। इसके बाद उसने कई बार नाम ट्रांसफर कराने के लिए आग्रह भी किया, लेकिन राजेश ने आरसी ट्रांसफर नहीं कराया। इस बीच उस गाड़ी से हो रहे अवैध कारोबार की वजह से वह पकड़ा गया।

इसके बाद भोला कुमार दांगी ने ही इस पूरे मामले को हैंडल किया। उसने इम्तियाज अंसारी पर यह कहकर दबाव बनाया कि तुम्हारे ऊपर केस हुआ है। तुमको जमानत कराना होगा। नहीं तो तुम्हें जेल जाना होगा। इसके बाद इम्तियाज अंसारी काफी डर गया और उसने अपना जमानत करा लिया, लेकिन जब वह गाड़ी रिलीज कराने के लिए थाने पहुंचा तो पुलिस ने उस बोलेरो चालक को हाजिर करने की बात कही। इसके बाद इम्तियाज वहां से निकल गया। दरअसल यह पूरा मामला अनुसंधान को बाधित करने और अपराधियों को संरक्षण प्रदान करने जैसा प्रतीत हो रहा है। प्रभात कुमार ने कहा कि इस पूरे मामले में अब भोला कुमार दांगी के ऊपर भी पुलिस का संदेह गहरा रहा है।

इस पूरे मामले में उनकी संलिप्तता की भी छानबीन की जाएगी। इधर एसपी के ट्विट का जवाब देते हुए भोला कुमार दांगी ने भी कहा कि यह मामला विधायक ममता देवी के पास आया था। वह रांची में थीं इस वजह से उनके कहने पर उन्होंने राजेश का यह पूरा मामला पुलिस के संज्ञान में रखा है। इसमें उनकी कोई संलिप्तता नहीं है।

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