Sun. Sep 27th, 2020

आसमानी आफत से अन्नदाता कंगाल

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झारखंड के विभिन्न जिलों में आंधी, बारिश व ओलावृष्टि ने खेतों में तबाही मचा दी है। आसमान से बरसी आफत से किसान सिर पकड़ कर रह गए। अधिकांश क्षेत्रों में आंधी के बाद हुई बारिश और फिर गिरे ओलों से फसलों को नुकसान पहुंचा है। खेतों में गेहूं की फसल पलट गयी और सरसों की फसल भी बर्बाद हुई है। बारिश और ओले ने किसानों की बर्बादी की इबारत लिख दी है। तेलहन, दलहन के साथ गेहूं व सब्जियों की फसल बर्बाद हो चुकी है। बारिश और ओलावृष्टि से किसान कंगाल हो चुके हैं। कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी, तो किसी ने घर की पूरी जमा पूंजी खेतों में डाल दी थी। अब सबकुछ तबाह हो चुका है। आय की सभी संभावनाएं समाप्त हो चुकी हैं। अब उम्मीद है तो सिर्फ सरकार से मिलने वाली राहत पर। राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है, पर अभी तक सर्वे का काम हर जगह नहीं हो पाया है।

हजारीबाग : किसानों को करोड़ों का नुकसान

दो दिन पूर्व हुए बेमौसम की भारी बारिश एवं ओलावृष्टि ने खेती को काफी नुकसान पहुंचाया है। सब्जी की खेती से लेकर गेहूं, चना, अरहर सहित दलहन की खेती, आम, लीची के फसलों को इस बारिश के कारण नुकसान हुआ है। सब्जी के लिए मशहूर बड़कागांव, केरेडारी, कटकमदाग, कटकमसांडी, दारु, झुमरा, पदमा, इचाक सहित अन्य प्रखंडों में भी भारी तबाही हुई है। सब्जी के खेत तालाब बन गए। खेतों में लगे आलू से लेकर साग, गोभी, बंधा गोभी, बीट, प्याज आदि की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गया है। एक एक किसान को लाखों का नुकसान हुआ है। कई ने तो कर्ज लेकर खेती की, अब उन्हें कर्ज चुकाने की चिंता ने आ घेरा है। ऐसे में किसान अब जार जार रो रहे हैं। उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि वे क्या करें। अब उनकी निगाहें सरकार की ओर है। उनको हुए नुकसान की भरपाई सरकार द्वारा हीं हो सकती है।

टाटीझरिया प्रखंड में बेमौसम बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। बे-मौसम बारिश ने प्रखंड के झरपो, भराजो अमनारी, नारायणपुर, बेडमक्का, डूमर, धर्मपुर, केषडा, घुघुलिया, होलंग, खम्भवा क्षेत्र में सब्जी की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। ओलावृष्टि से गेहूं एवं सरसों के फसल बर्बाद हो गए हैं। बेमौसम बारिश के चलते सब्जी उत्पादन करने वाले किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती है।

बड़कागांव में बेमौसम बारिश होने से कृषि बहुल बड़कागांव प्रखंड में लगभग 25 लाख से अधिक रुपये का फसल एवं 20 लाख रुपये का कारोबार का नुकसान हुआ है। इससे किसानों एवं व्यवसायियों की कमर टूट गई है। कृषक नकुल महतो, दिलीप महतो, जय हिंद महतो समेत अन्य किसानों ने बताया कि विभिन्न गांव में लगभग 450 एकड़ भूमि में लगे गेहूं, सरसों, आलू, टमाटर, फूल गोभी, बंधा गोभी, प्याज, मिर्च, चना, बैंगन, लहसुन, धनिया आदि फसलों का नुकसान हुआ है।

विष्णुगढ़ प्रखंड में तेज बारिश व आंधी से खेतों में लगे किसानों के खेतों में लगे गेंहू, टमाटर, गोभी, प्याज व लहसुन के फसल नष्ट हो गए। किसान मनोज पासवान ने बताया कि 20 एकड़ में टमाटर का फसल लगाया था, जो ओलावृष्टि से नष्ट हो गए। ओलों पड़ने से खेतों में लगी फसलों को जमींदोज कर दिया, जिससे किसानों की कमर टूट गई है। प्रकृति के इस प्रकोप से किसानों को भूखमरी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। टमाटर की फसलों को ओलों ने रबूद कर दिया।

दारू प्रखंड में दिनभर हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि से रवि फसलों के साथ साथ साग सब्जियों को खासा नुकसान पहुंचाया है। ओलावृष्टि से खेतों में लगे गेहूं, सरसों, चना, मटर के साथ साथ हरी साग सब्जियों भी भारी मात्रा में नुकसान हुआ है। प्रखंड में हजारों एकड़ भूमि पर लगा फसल बर्बाद हो गया है, इससे किसानों के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। किसानों ने लगभग 30 लाख से अधिक की क्षति होने की बात बताई है। इससे किसानों की कमर टूट गई है।
बरकट्ठा प्रखंड में लगातार तेज बारिश व ओलावृष्टि होने से खेतों में भारी जल जमाव के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में लगे साग सब्जी व रवि फसलों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। किसान रामेश्वर महतो ने कहा कि आफत की बारिश ने खेतों में लगे प्याज व अन्य फसलों को बर्बाद कर दिया। प्रकृति की मार गरीब किसानों के लिए आफत बनकर आई।

चरही प्रखंड में तेज बारिश व ओलावृष्टि से फसलों के बर्बाद होने से किसानों का बुरा हाल है। ओलावृष्टि होने से खेतों में लगे फसलों को खासा नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि होने से किसानों की कमर टूट गई है।

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