Wed. May 27th, 2020

एशिया एकादश टीम में विराट सहित छह भारतीय

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ढाका : बांग्लादेश के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले शेख मुजिबुर रहमान के जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में अगले महीने ढाका में होने वाली दो मैचों की टी-20 सिरीज के लिए भारतीय कप्तान विराट कोहली सहित छह भारतीय खिलाड़ियों को एशिया एकादश में शामिल किया गया है जिसका मुकाबला इस सीरीज में विश्व एकादश से होगा।

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष नजमुल हसन ने मंगलवार को ढाका में एक संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की। भारतीय कप्तान विराट एशिया एकादश के लिए एक मैच में खेल सकते हैं जबकि ओपनर लोकेश राहुल भी एक मैच में खेल सकते हैं।

शिखर धवन, रिषभ पंत, कुलदीप यादव और मोहम्मद शमी को दोनों मैचों के लिए एशिया एकादश में शामिल किया गया है। हसन ने बताया कि विश्व एकादश टीम में दक्षिण अफ्रीका के फाफ डू प्लेसिस, वेस्टइंडीज के क्रिस गेल और इंग्लैंड के जॉनी बेयरस्टो को जगह मिली है।

उन्होंने साथ ही कहा कि विराट केवल एक मैच में खेल सकते हैं। हालांकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) विराट की भागीदारी के लिए उनकी पुष्टि का इंतजार कर रहा है। विराट की व्यस्तता उनके खेलने को लेकर एक मुद्दा हो सकता है। भारत का न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरा टेस्ट 29 फरवरी से शुरु हो रहा है और चार मार्च को समाप्त होगा।

भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की घरेलू वनडे सिरीज 12 से 18 मार्च तक खेलनी है। ढाका में होने वाले दो मैच 21 और 22 मार्च को होंगे जबकि आईपीएल की शुरुआत 29 मार्च से होगी। हसन ने बताया कि टीमों में किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को शामिल नहीं किया गया है क्योंकि पाकिस्तानी खिलाड़ी पीएसएल में व्यस्त होंगे जिसका फाइनल 22 मार्च को होगा। उन्होंने कहा,‘हमें भारत से चार नाम मिल चुके हैं। हमने अभी अनुबंध नहीं किया है लेकिन पंत, कुलदीप, शिखर और शमी को आना है।

उन्होंने हमें बताया है कि राहुल और विराट एक मैच खेल सकते हैं। लेकिन इसका अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।’संभावित टीमें : एशिया एकादश : लोकेश राहुल, शिखर धवन, विराट कोहली, रिषभ पंत, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी, तिषारा परेरा, लसित मंिलगा, राशिद खान, मुजीब-उर-रहमान, मुस्ताफिजुर रहमान, तमीम इकबाल, मुशफिकुर रहीम, लिटन दास,संदीप लैमीछाने और महमूदुल्लाह। विश्व एकादश : एलेक्स हेल्स, क्रिस गेल, फाफ डू प्लेसिस (कप्तान), निकोलस पूरन, ब्रेंडन टेलर, जॉनी बेयरस्टो, कीरोन पोलार्ड, शेल्डन कोट्रेल, लुंगी एनगिदी, एंड्रयू टाई और मिशेल मैकक्लेनेघन।

भारत को भारी पड़ रही है विराट की नाकामी

दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज और भारतीय कप्तान विराट कोहली की न्यूजीलैंड दौरे में बल्ले से नाकामी टीम इंडिया को भारी पड़ रही है। विराट न्यूजीलैंड दौरे में अपनी प्रतिष्ठता से कोसों दूर हैं और यही वजह है कि टीम इंडिया को वनडे सिरीज में 0-3 से और वेलिंगटन में पहले टेस्ट में 10 विकेट की करारी हार का सामना करना पड़ा है।

हालांकि इससे पहले भारत ने टी-20 सिरीज 5-0 के रिकॉर्ड अंतर से जीती थी लेकिन उस समय टीम में रोहित शर्मा जैसे अनुभवी बल्लेबाज मौजूद थे जो टीम को संभाल रहे थे। विराट ने इस दौरे में टी-20 सीरीज में 45, 11, 38 और 11 रन, वनडे सीरीज में 51, 15 और नौ रन तथा पहले टेस्ट मैच में दो और 19 रन बनाए। यह स्कोर उस बल्लेबाज की प्रतिष्ठा से मेल नहीं खाते हैं जिसका लोहा पूरी दुनिया मानती है।

हालांकि वेलिंगटन में सवा तीन दिन में मैच 10 विकेट से हारने के बाद विराट ने संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि एक हार से टीम खराब नहीं हो जाती और मात्र स्कोर से उनकी बल्लेबाजी का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने कहा था कि उनकी बल्लेबाजी ठीक है और केवल कुछ समय क्रीज पर गुजारने की बात है।

यह दिलचस्प है कि वनडे सीरीज में विराट का बल्ला लगभग खामोश रहा था इसके बावजूद वह हेमिल्टन में न्यूजीलैंड एकादश के खिलाफ बल्लेबाजी अभ्यास करने नहीं उतरे। विराट ने इससे पहले कोलकाता में बंगलादेश के खिलाफ दिन-रात्रि टेस्ट में 136 रन बनाए थे जबकि इंदौर में वह बांग्लादेश के खिलाफ खाता खोले बिना आउट हुए थे।

उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सिरीज में विशाखापत्तनम में 20 और नाबाद 31 तथा पुणे में नाबाद 254 रन की अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी खेली थी। विदेशी जमीन पर भारतीय बल्लेबाजों को हमेशा ही मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और जब दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज सस्ते में आउट हो जाएं तो टीम पर दबाव बढ़ जाता है।

ऐसा ही कुछ भारतीय टीम के साथ वेंिलगटन टेस्ट में हुआ। दोनों ओपनर पृथ्वी शॉ और मयंक अग्रवाल टीम को अच्छी शुरुआत नहीं दे पाए और टीम के सबसे विश्वसनीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का सस्ते में आउट होना टीम पर दबाव बढ़ा गया। पुजारा ने पहली पारी में 11 और दूसरी पारी में भी 11 रन बनाए।

यह हैरानी की बात है कि न्यूजीलैंड दौरे में सबसे शानदार फॉर्म दिखाने वाले बल्लेबाज लोकेश राहुल को टीम का हिस्सा नहीं बनाया गया। रोहित शर्मा चोट के कारण जब टेस्ट टीम से बाहर हो गए थे तो उनकी जगह शुभमन गिल को शामिल किया गया था जबकि अपनी फॉर्म के कारण राहुल टेस्ट टीम में जगह बनाने के दावेदार थे।

राहुल ने टी-20 सिरीज में 56, नाबाद 57, 27, 39 और 45 तथा वनडे में नाबाद 88, चार और 112 रन बनाए थे। यह समझना मुश्किल है कि टीम प्रबंधन ने राहुल को टेस्ट टीम से बाहर क्यों रखा। राहुल टीम को ओपंिनग में या फिर मध्यक्रम में दोनों ही जगह मजबूती दे सकते थे। राहुल के रहने से विराट के ऊपर से भी भार कम हो जाता।

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