Wed. Sep 30th, 2020

सिख दंगा : गृह सचिव अदालत पहुंचे, क्षमा मांगी, हाइकोर्ट ने कहा – आयोग को एक माह में दें मूलभूत सुविधाएं

रांची : सिख दंगा पीड़ितों को मुआवजा देने के मामले में दायर जनहित याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने गृह सचिव को तत्काल हाजिर होने का आदेश दिया। अदालत के आदेश पर गृह सचिव अदालत में उपस्थित हुए। अदालत ने पूछा कि कोर्ट के आदेश का अनुपालन क्यों नहीं किया गया? कैसे अनदेखी हुई? जिस पर गृह सचिव ने अदालत से क्षमा मांगते हुए कहा कि गलती हो गयी। शीघ्र सुधार कर लिया जाएगा।

अदालत ने उन्हें एक माह में मामले में बनाये गये आयोग को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। साथ ही शपथ पत्र के माध्यम से कोर्ट को अवगत कराने का भी आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में सिख दंगा पीड़ितों को मुआवजा देने के मामले पर सुनवाई हुई। अदालत को जानकारी दी गयी कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद भी मामले में बनाए गए एक सदस्यीय आयोग को अभी तक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करायी गयी हैं।

सरकार की ओर से उन्हें गलत जानकारी दे दी गई है। जिस पर अदालत ने तत्काल गृह सचिव को अदालत में हाजिर होने को कहा। गृह सचिव सुनवाई के दौरान उपस्थित हुए। उन्होंने अदालत से इसके लिए क्षमा मांगते हुए कहा कि आयोग के द्वारा मौखिक रूप से जितने भी चीज बोले गए थे। उसको उपलब्ध करा दिया गया है। कुछ चीजें चूक के कारण छूट गयीं, जिसे शीघ्र ही उपलब्ध करा दिया जाएगा। अदालत ने उन्हें फिर से एक माह का समय देते हुए। सभी मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। बता दें कि सतनाम सिंह गंभीर ने 1984 दंगा के पीड़ितों के परिजनों को मुआवजा दिलाने को लेकर जनहित याचिका दायर की है।

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