Mon. Oct 26th, 2020

सिद्धो कान्हो के बलिदान को भूला नहीं जा सकता है : उपायुक्त

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साहिबगंज : 11 अप्रैल की तारीख सिद्धो कान्हो जयंती के रूप में याद रखी जाती है। सिद्धो कान्हो ने आदिवासी तथा गैर आदिवासियों को अंग्रेज व महाजनों के अत्याचार से आजाद करने में अहम भूमिका निभायी।

ब्रिटिश हुकूमत की जंजीरों को तार-तार करने वाले इन वीर सपूतों की शहादत की याद में जयंती समारोह प्रत्येक साल 11 अप्रैल को मनाया जाता है। परंतु वर्तमान में उत्पन्न कोरोना संकट से इस वर्ष लॉक डाउन के कारण ग्रामीणों को जयंती मनाने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।

इसी क्रम में उपायुक्त वरुण रंजन तथा पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने सिद्धो कान्हो के गांव बरहेट का भ्रमण किया। उपायुक्त वरुण रंजन तथा पुलिस अधीक्षक ने बरहेट स्थित पार्क का निरीक्षण किया तथा उन्होंने वहां सिद्धो कान्हो की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए उनकी शहादत को को नमन किया।

उपायुक्त रंजन तथा पुलिस अधीक्षक भोगनडीह स्थित क्रांति स्थल पर भी गए एवं विधिवत रूप से माल्यर्पण किया वहां उन्होंने आस पास के ग्रामीणों से भी उनकी जरूरतें जानी तथा चूड़ा, गुड़, चना आदि का वितरण किया। भ्रमण में उन्होंने लॉक डाउन के दैरान ग्रामीणों की स्थिती जानी तथा उनकी समस्याएं सुनी।

उपायुक्त ने ग्रामीणों से राशन की पहुँच तथा उपलब्धता के बारे में जानकारी ली तथा कोरोना वायरस संक्रमण से संबंधित सवाल भी किये। भ्रमण क्रम में उपायुक्त ने चूड़ा, गुड़ तथा चना का वितरण कियाएवं उन्होंने गांव निवासियों से सोशल डिस्टेनसिंग बनाये रखने और मास्क लगाने की अपील भी की।

मौके पर ग्रामीणों के बीच मास्क भी वितरित किया गया। उपायुक्त रंजन ने सभी ग्रामीणों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए जागरूक किया।

मौके पर उप विकास आयुक्त मनोहर मरांडी ,अनुमंडल पदाधिकारी पंकज कुमार साव, बरहरवा डीएसपी वेकेटेश्वर रमन,बीडीओ दयानंद कारजी, थाना प्रभारी हरीश पाठक, जिला कल्याण पदाधिकारी अशोक कुमार सहित लोग उपस्थित थे।

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