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बर्मिंघम में दूसरा सेमीफाइनल आज – चिर प्रतिद्वंद्वी टीमों इंगलैंड और आस्ट्रेलिया के बीच महामुकाबला

11.07.2019

बर्मिंघम : क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले इंगलैंड की राष्ट्रीय टीम पहली बार विश्व विजेता बनने का सपना लिये गुरुवार को अपने घरेलू मैदान पर खेले जा रहे आईसीसी विश्वकप के दूसरे सेमीफाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी और गत चैंपियन आस्ट्रेलिया की कड़ी चुनौती का सामना करेगी।

भारत और न्यूजीलैंड के खिलाफ लीग चरण में मिली दो लगातार जीतों के बाद इंग्लिश टीम काफी उत्साहित दिख रही है जबकि आस्ट्रेलिया को अपने आखिरी ग्रुप मैच में दक्षिण अफ्रीका के हाथों 10 रन की करीबी हार से न सिर्फ मनोवैज्ञानिक दबाव झेलना पड़ा है, बल्कि तालिका में भी वह शीर्ष स्थान से अपदस्थ होकर दूसरे नंबर पर खिसक गयी।

गत चैंपियन आस्ट्रेलिया के लिये परेशानी केवल यही नहीं है, बल्कि उसे अहम पड़ाव पर अपने खिलाड़ियों की चोटों से भी जूझना पड़ रहा है जो उसके लिए एक अन्य बड़ी समस्या है। हालांकि एजबस्टन में होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले में किसी भी लिहाज से आस्ट्रेलिया को कमतर आंकना मेजबान टीम के पहली बार विश्व चैंपियन बनने के सपने को ध्वस्त कर सकता है।

लीग चरण के मुकाबले में लार्ड्स मैदान पर भी इंग्लिश टीम को आस्ट्रेलिया से 64 रन से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। आस्ट्रेलिया से मिले 286 रन के लक्ष्य के सामने इंगलैंड के लिये मात्र मध्यक्रम के बल्लेबाज बेन स्टोक्स ही नाबाद 89 रन की पारी खेल पाये और बाकी कोई अन्य बल्लेबाज 30 रन के स्कोर तक नहीं पहुंचा और अंतत: टीम 221 रन पर ढेर हो गयी।

इंग्लिश टीम के लिए हालांकि वर्तमान में परिस्थितियां कहीं बेहतर लग रही हैं और लगातार जीत से उसका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। टीम के लिए अच्छी खबर है कि उसके स्टार ओपनर जेसन रॉय वापिस लौट आये हैं। दूसरी ओर आस्ट्रेलियाई टीम अहम पड़ाव पर आकर चोटों से जूझ रही है और उसके सह कोच और पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने भी इस स्थिति को टीम के लिए नुकसानदेह बताया है।

आस्ट्रेलिया के उस्मान ख्वाजा को हैमस्ट्रिंग और मार्कस स्टोइनिस को बगल में चोट लग गयी जिससे उनकी जगह अब टीम में मैथ्यू वेड और मिशेल मार्श को आस्ट्रेलिया ए दौरे से चोटिल खिलाड़ियों के कवर के तौर पर बुलाया गया है। हालांकि टीम के कोच जस्टिन लेंगर ने मैच की पूर्व संध्या पर स्पष्ट किया है कि स्टोइनिस अब बेहतर हैं और मैच में निश्चित ही खेलने उतरेंगे।

लेकिन ख्वाजा का बाहर हो जाना टीम के लिए बड़ा झटका है। लेंगर के अनुसार मैच में पीटर हैंड्सकोंब को मौका दिया जा सकता है जो फिलहाल अच्छी फार्म में खेल रहे हैं। हैंड्सकोंब को चोटिल शॉन मार्श की जगह बुलाया गया था जो पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो गये थे। आस्ट्रेलिया के लिये नये खिलाड़ियों के साथ उतरना चुनौतीपूर्ण रहेगा जिनके लिये दबाव वाले मुकाबले में स्थितियों के अनुकूल खुद को इतने कम समय में ढालना आसान नहीं होगा।

इंगलैंड को वर्ष 2015 के पिछले विश्वकप सत्र में पहले ही राउंड में बाहर होना पड़ा था जो उसका सबसे निराशाजनक प्रदर्शन रहा था, लेकिन फिलहाल वह वनडे में दुनिया की दिग्गज टीमों में है।

पूर्व आस्ट्रेलियाई कोच ट्रेवर बेलिस भी इंग्लिश टीम के लिये इस मुकाबले में अहम मार्गदर्शक साबित हो सकते हैं जो फिलहाल इंग्लिश टीम के मुख्य कोच हैं।