Sat. Jul 4th, 2020

लगातार पेट्रोलियम पदार्थाें की कीमतों में बढ़ोत्तरी होने से लोगों में जनाक्रोश : कांग्रेस

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रांची : झारखंड कांग्रेस ने कहा है कि केंद्र सरकार को यह पता है कि लाॅक डाउन में कोई भी धरना-प्रदर्शन या सड़क पर उतर कर बड़ा जनआंदोलन नहीं होगा। इसका फायदा उठाकर लगातार पेट्रोलियम पदार्थाें की कीमतों में बढ़ोत्तरी होने से लोगों में जनाक्रोश है।

पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता आलोक दुबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और राजेश गुप्ता ने शनिवार को कहा कि पिछले 22 दिनों से प्रतिदिन पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ रही है। आज भी मूल्य वृद्धि की गई है। पार्टी ने इसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन शुरू करने का फेसला लिया है। इसके तहत पहले चरण में 29 जून को राज्य मुख्यालय और जिला मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। जबकि 30 जून से चार जुलाई तक राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों में भी प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

प्रवक्ताओं ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी कर गरीबों, निम्न मध्यमवर्गीय, मध्यमवर्गीय, किसानों , छात्र-युवाओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ लादने में जुटी है। प्रत्येक दिन कीमतों में बढ़ोत्तरी हो रही है। यह सरकार की कौन सी नीति है, यह समझ से परे है।

उन्होंने कहा कि हद तो तब हो गई जब 70 वर्षों में पहली बार डीजल की कीमत पेट्रोल से ज्यादा हो गई। कोरोना काल में जब पूरी दुनिया में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गयी। ऐसे समय में मूल्य वृद्धि हर व्यक्ति के लिए समझ से परे है। देश का हर नागरिक केंद्र सरकार की इस नीति से त्रस्त है।

उन्होंने कहा कि 70 वर्षों में कांग्रेस की सरकार ने डीजल की कीमतों को नियंत्रित करके रखती थी कि हमारे अन्नदाता देश के लोगों का पेट भर सके और हमारी अर्थव्यवस्था भी मजबूत बनी रहे। उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उरांव के निर्देशानुसार 29 जून को प्रदेश और जिला मुख्यालयों में सोशल डिस्टेसिंग के माध्यम से धरना-प्रदर्शन के अलावा स्पीक अप इंडिया और स्पीक अप जवान की तर्ज पर स्पीक अप आफ पेट्रोल प्राइसेस के माध्यम से भी लाखों पार्टी नेता-कार्यकर्ता और आम जन भी सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर प्रधानमंत्री के समक्ष अपना व्यापक विरोध दर्ज कराएंगे।

प्रवक्ताओं ने कहा कि 29 जून को धरना-प्रदर्शन के साथ ही उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। वहीं प्रखंड मुख्यालयों में होने वाले प्रदर्शन को लेकर सामाजिक दूरी का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी के कारण कोरोना संक्रमण के मामले में वृद्धि हुई है। इसे देखते हुए धरना-प्रदर्शन में विशेष सावधानी बरतने और अधिक भीड़ नहीं एकत्रित करने का निर्देश दिया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव खुद भी राजधानी रांची में 29 जून को राजभवन के समक्ष धरना पर बैठेंगे और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। इस धरने में अपनी अपनी सुविधानुसार सभी मंत्री, विधायक ,सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद सहित वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे और धरने में बैठेंगे।

कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसीवेणुगोपाल, झारखंड कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह के आह्वान पर देशभर के लाखों- करोड़ों कार्यकर्ता 29 जून को धरना पर बैठेंगे और प्रधानमंत्री को देश के जनमानस द्वारा विरोध दर्ज करायेंगे।

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