Wed. Oct 28th, 2020

पिपली मे पुलिस ने किसानोँ पर कोई लाठी चार्ज नही किया, भीड़ को हटाया : काम्बोज

यमुनानगर : विपक्षी राजनीतिक दल अपनी राजनीति चमकाने के लिए किसानों को बरगलाने का प्रयास कर रहे है। उन्हें किसानों के हितो से वह कोई संबंध नहीं रखते इसलिए किसानों को मोहरा बनाकर इस आंदोलन को राजनीतिक रूप देने का प्रयास किया गया और सरकार से किसानो की बातचीत नहीं होने दी गई। जबकि सरकार ने पिपली रैली से पहले किसानो़ को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। लेकिन विपक्षी राजनीतिक दलों का यह गवारा नहीं था इसलिए बातचीत की बजाए रैली को प्राथमिकता दी गई। लेकिन अब भी भाजपा सरकार किसानो के साथ है और अध्यादेश में किसानों के सुझाव व उनके हित की मुद्दों को शामिल करने के लिए तैयार है।

जिसके लिए प्रदेश में 3 सासंदो की एक कमेटी का गठन भी किया गया है। यह शब्द पूर्व मंत्री कर्णदेव कांबोज ने कांबोज धर्मशाला में आयोजित एक पत्रकारवार्ता के दौरान कहे। उन्होंने किसानो से अपील की कि वह इस अध्यादेश को ध्यान से पढ़े और उसके बाद वह किसानो के हित के जो भी सुझाव देना चाहते है वह सरकार तक पहुंचाए जिन्हें अध्यादेश में शामिल किया जाएगा। पूर्व मंत्री कर्णदेव कांबोज ने कहा कि अध्यादेश अभी लागू नहीं हुआ है। सरकार किसानो से सुझाव मांग रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद किसानों से वायदा कर चुके है कि वह किसानों की आय को दोगुनी करेगें, जिसके प्रयास में ही केन्द्र व प्रदेश सरकार लगी हुई है।

अध्यादेश से किसानो को आर्थिक आजादी मिलेगी किसान जहां भी उसे अपनी फसल का उचित दाम मिले वहां पर अपनी फसल को बेच सकेगा। जिसके लिए पूरे देश को एक बाजार बनाया गया है। अध्यादेश में शामिल कांटेक्ट फार्मिंग में किसान कंपनी के अधीन नहीं होगे। केवल किसानो की मर्जी से ही कंपनी से समझौता होगा। किसान किसी तरह कंपनी के बाध्य नहीं होगे। मंडियो को सरकार समाप्त नहीं कर रही है। अगर किसान मार्किट में अपनी फसल का उचित दाम प्राप्त नहीं कर पा रहा है तो वह मंडी में एमएसपी पर अपनी फसल को बेच सकेगा।

shares
error

Enjoy this blog? Please spread the word :)