Wed. Oct 23rd, 2019

नवरात्र के अवसर पर राज्यवासियों को तारामंडल का तोहफा, मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा – समग्र विकास में विज्ञान महत्वपूर्ण

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 उच्चस्तरीय तकनीकी शिक्षा के लिए अब राज्य से बाहर जाने की जरूरत नहीं, विद्यार्थियों को यहीं मिलेगी डिग्रियां
मुख्यमंत्री ने झारखंड प्रौद्योगिकी (टेक्निकल) विश्वविद्यालय के नवनिर्मित भवन का भी किया ऑनलाइन उद्घाटन
साइंस सेंटर परिसर में ही 1 करोड़ 80 लाख की लागत से बनने वाले इनोवेशन हब भवन का हुआ शिलान्यास

रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि तारामंडल खगोलीय विद्या के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। रांची खगोलीय शिक्षा का राष्ट्रीय केंद्र बनेगा। सरकार का विज्ञान और तकनीकी के प्रगति पर पूरा जोर है।

समय के साथ आगे बढ़ना जरूरी है। विज्ञान के विकास के बिना राज्य या देश तरक्की नहीं कर सकता। शिक्षा, कारोबार, उद्योग या फिर सरकारी मशीनरी इन सभी क्षेत्रों के विकास में विज्ञान और नई तकनीकों का महत्वपूर्ण स्थान है।

उक्त बातें शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने चिरौंदी स्थित साइंस सेंटर में नवनिर्मित वराहमिहिर तारामंडल एवं झारखंड प्रौद्योगिकी (टेक्निकल) विश्वविद्यालय के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।

उन्होंने कहा कि वराहमिहिर तारामंडल झारखंड के छात्र-छात्राओं और शोधकर्ताओं में एक नई ऊर्जा का संचार स्थापित करेगा। इन्हें खगोलीय विद्या के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

प्रोत्साहन राशि दे रही है सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा विज्ञान के प्रचार प्रसार एवं छात्र-छात्राओं में विज्ञान के प्रति रुचि जागृत करने के लिए अभियंत्रण एवं डिप्लोमा टॉपर को प्रोत्साहित राशि मुहैया करायी जा रही है। शोधकर्ता एवं कार्यशाला सेमिनार व्याख्यान आयोजन के लिए अनुग्रह राशि भी सरकार प्रदान करा रही है।

खगोलविद् वराहमिहिर के नाम पर है तारामंडल

मुख्यमंत्री ने कहा कि वराहमिहिर तारामंडल झारखंड का पहला अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित तारामंडल है। इस तारामंडल का नाम बड़े चिंतन के साथ वराहमिहिर रखा गया है। वराहमिहिर महान दार्शनिक खगोलशास्त्री और गणितज्ञ थे। वराहमिहिर का जन्म गुप्त काल (छठवीं सदी) में उज्जैन में हुआ था।

इनोवेशन हब भवन का शिलान्यास

चिरौंदी स्थित इस साइंस सेंटर में ही एक करोड़ 80 लाख रुपए की लागत से नई इनोवेशन भवन का भी शिलान्यास किया गया। उन्होंने कहा कि इस भवन का निर्माण कार्य समय सीमा के अंतर्गत पूरा करना राज्य सरकार का लक्ष्य है।

हम ज्ञान विज्ञान एवं तकनीकी युग में जी रहे हैं। वर्तमान समय की मांग है कि इस क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाये। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए सरकार ने इनोवेशन हब भवन निर्माण करने का संकल्प लिया है।

विद्यार्थियों को अब बाहर जाने की आवश्यकता नहीं

सीएम ने 80 करोड़ की लागत से नामकुम स्थित झारखंड प्रौद्योगिकी (टेक्निकल) विश्वविद्यालय का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के शुभारंभ होने से राज्य के तकनीकी क्षेत्र में पढ़ाई करने वाले छात्र- छात्राओं को काफी लाभ मिलेगा।

इस क्षेत्र में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को अब बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, उन्हें यहीं से डिग्रियां प्राप्त होंगी। तकनीकी के इस युग में बच्चे और ज्यादा मजबूत होंगे। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि वैज्ञानिकों ने हमेशा देश का नाम रोशन किया है।

पूरी निष्ठा के साथ विद्यार्थी करें पढ़ाई

उन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में रुचि रखने वाले छात्र छात्राओं से अपील किया कि वे पूरी निष्ठा के साथ अपनी पढ़ाई करें और जीवन के पथ पर निरंतर आगे बढ़ते रहे। आने वाले समय में झारखंड से भी वैज्ञानिक उभर कर देश और दुनिया में राज्य का नाम रोशन करें।

उन्होंने राज्यवासियों को दुर्गापूजा की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने तारामंडल पर बनाई गई लघु फिल्म का अवलोकन किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव, सांसद संजय सेठ, कांके विधायक जीतू चरण राम, मेयर आशा लकड़ा, उच्च शिक्षा सचिव शैलेश कुमार सिंह, तकनीकी निदेशक डॉ अरूण कुमार, सेंटर के कार्यपालक निदेशक जीएसपी गुप्ता सहित बड़ी संख्या में वैज्ञानिक, स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

उचित और स्वस्थ माहौल देने में जुटी सरकार : नीरा यादव

शिक्षा मंत्री डॉ. नीरा यादव ने कहा कि राज्य में बेहतर शिक्षा प्रणाली विकसित करने की दिशा में कई योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। विद्यार्थी आत्मविश्वास और नवीन तकनीक के साथ राष्ट्र के सुनहरे निर्माण में योगदान कर सकें, इसके लिए राज्य सरकार विद्यार्थियों को उचित और स्वस्थ माहौल देने में जुटी हुई है।

मंत्री ने बताया कि देवघर और दुमका में भी मिनी तारामंडल बनाए जा रहे हैं। वहीं, जिला विज्ञान केंद्र दुमका में 30 करोड़ रु. की लागत से बनाए जा रहे हैं। इलेक्ट्रो मैकेनिकल टेक्नोलॉजी का निर्माण क्रिएटिव म्यूजियम डिजाइनर कोलकाता द्वारा किया गया है।

राज्य का पहला तारामंडल

चिरौंदी स्थित साइंस सेंटर में नवनिर्मित वराहमिहिर राज्य का पहला आधुनिक तारामंडल है। इस तारामंडल की खासियत इसकी एस्ट्रोनॉमी गैलरी है। इसमें एस्ट्रोनॉमी से जुड़ी चीजें रखी गई हैं।

15 अक्टूबर से लोग कर सकेंगे अवलोकन

15 अक्टूबर से इसे आम लोगों के लिए खोलने की संभावना है। शुक्रवार को तारामंडल में लोगों की एंट्री फ्री रही। वैसे स्कूल और कॉलेज से समूह में आने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष छूट देने पर विचार किया जा रहा है।

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