Wed. Oct 23rd, 2019

11वीं में कंपार्टमेंटल परीक्षा के लिए प्रस्ताव जैक को दें

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केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा की अध्यक्षता में दिशा की बैठक आयोजित

रांची : जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति(दिशा) की वित्तीय वर्ष 2019-20 की प्रथम बैठक में केन्द्रीय राज्य मंत्री सह खूंटी सांसद अर्जुन मुंडा ने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय से कार्य करने के बाद ही योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा सकता है। यह पहली बैठक है। अगली बैठक में जिला मैप के साथ बैठक की जायेगी। ताकि विभिन्न क्षेत्रों में जो भी आवश्यक होगा, उसका गैप एनालिसिस किया जायेगा।

इस दौरान बैठक में नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, रांची सांसद संजय सेठ, हटिया विधायक नवीन जायसवाल, सिल्ली विधायक सीमा देवी, खिजरी विधायक रामकुमार पाहन, मांडर विधायक गंगोत्री कुजूर, कांके विधायक डॉ. जीतूचरण राम, मेयर आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, उपायुक्त राय महिमापत रे, उपविकास आयुक्त रांची, सभी विभागों के प्रमुख एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

विभिन्न योजनाओं के तहत रांची जिले में हुए विकास कार्यों की जानकारी देते हुए उपायुक्त ने बताया कि आकांक्षी जिला के तहत 49 पैरामीटर के आधार पर रांची पूरे देश में 8वें स्थान पर हैं। मनरेगा में 2860 योजनाएं पूरी की गयी है।

1319 ट्रेंच कम बंड बनाये गये हैं। 1340 कुएं का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में रांची जिला 6 वें स्थान हैं। 88 प्रतिशत बनाया जा चुका है।

सखी मंडल 9711 को रिवॉल्विंग फंड दिया गया है। जेएसएलपीएस के माध्यम से 40212 घरों को आच्छादित किया जा रहा है। जबकि सामाजिक सुरक्षा के लाभ से 127960 लाभुकों को लाभ दिया जा रहा है।

2022 तक आवास उपलब्ध कराये जाएंगे : अर्जुन मुंडा

रांची नगर निगम के द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा के क्रम में अर्जुन मुंडा ने कहा कि 2022 तक सभी को आवास उपलब्ध कराया जाना है और प्रतिवर्ष 3000 आवास निर्माण करने का निर्देश दिया गया है।

इस पर रांची नगर निगम के द्वारा बताया गया कि वर्टिकल 1 (झुग्गी झोपड़ी) से वर्टिकल -4 के आवास बनाये जा रहे हैं। वर्टिकल 4 के अन्तर्गत 13339 आवास का निर्माण किया जाना है। 6404 आवास बन चुके हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत रांची शहर को ओडीएफ प्लस किया जा चुका है।

स्वच्छता में 4000 शहरों में रांची 46वां स्थान प्राप्त है। वहीं पेयजल की समीक्षा के क्रम में अर्जुन मुंडा ने सभी सदस्यों से रांची जिला को मिलने वाले विभिन्न जलस्रोतों के बारे में पर्याप्त जानकारी प्राप्त करने को कहा।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी योजना के तहत गांवों में शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु सड़क, पेयजल, प्रधानमंत्री आवास योजना, कंुआ, डिजिटल लिटरेसी, व्यक्तिगत शौचालय, एलपीजी इत्यादि उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये।

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 90 प्रतिशत विद्यार्थियों का आधार बन चुका है, साथ ही उनके बैंक खाते भी खोले जा चुके हैं। मंत्री अर्जुन मुंडा ने शिक्षकों के म्यूचुअल ट्रॉन्सफर के मामलों का जल्द से जल्द निपटारा करने का निर्देश दिया।

घंटी आधारित शिक्षकों के मामलों की समीक्षा का निर्देश

आठवीं से नवीं में नामांकन दर और ड्रॉपआउट की भी समीक्षा की गई। ग्यारहवीं में कंपार्टमेंटल परीक्षा के संबंध में एक प्रस्ताव बनाकर जैक को देने का निर्देश अर्जुन मंुडा के द्वारा दिया गया। उपायुक्त ने मर्जर हुए विद्यालय को डीमर्जर कराये जाने का प्रस्ताव भी आमंत्रित किया।

उन्होंने कहा कि इसके लिए 20 अक्टूबर तक लिखित आवेदन दें। साथ ही उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को घंटी आधारित शिक्षकों को हटाए जाने के मामलों की समीक्षा करने का निर्देश दिया।

बिजली विभाग की समीक्षा के दौरान विभाग के अधीक्षण अभियंता द्वारा बताया गया कि रांची जिला में 300 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है, जो उपलब्ध है। 60 से 65 करोड़ राजस्व प्राप्ति होती है।

इस संबंध में अधीक्षण अभियन्ता को इन्वेंटरी मैनेजमेंट का विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। बैठक में सदस्यों के सुझाव और अपने क्षेत्र के कार्यों से संबंधित लिखित प्रतिवेदन जमा करने का निर्देश दिया गया।

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