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पीएनबी घोटाला: लंदन की जेल में ही रहेगा नीरव मोदी, अदालत ने चौथी बार ठुकराई जमानत याचिका

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भारत के सरकारी बैंकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करके लंदन भागे हीरा कारोबारी नीरव मोदी की जमानत याचिका यूके हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।

नई दिल्ली: भारत के सरकारी बैंक पीएनबी से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करके लंदन भागे हीरा कारोबारी नीरव मोदी के लिए बुरी खबर है।  नीरव मोदी की जमानत याचिका यूके हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।  ऐसे में उसे अभी लंदन की जेल में दिन गुजारने होंगे. बता दें कि वेस्टमिंस्टर कोर्ट से तीसरी बार याचिका खारिज होने के बाद नीरव ने 31 मई को हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी। हाईकोर्ट में नीरव की याचिका पर बीते मंगलवार (11 जून) को सुनवाई हुई थी।  कोर्ट ने कहा था कि फैसले के लिए वक्त चाहिए, इसलिए बुधवार की तारीख दी।  नीरव 86 दिन से लंदन की वांड्सवर्थ जेल में है। 19 मार्च को उसकी गिरफ्तारी हुई थी।

 

मंगलवार को बहस के दौरान नीरव मोदी के वकील ने कहा था कि अगर उन्हें कोर्ट जमानत देती है तो नीरव इलेक्ट्रोनिक डिवाइस से निगरानी रखे जाने के लिए तैयार है, उसका फोन भी ट्रैक किया जा सकेगा। हालांकि सभी दलीलों को खारिज करते हुए कोर्ट ने नीरव मोदी को जमानत नहीं दी।  बता दें कि नीरव मोदी कई बैंकों को 13 हजार करोड़ रुपये का चूना लगाकर पिछले करीब 15 महीने से भारत से फरार है।

मंगलवार को क्या हुआ था कोर्ट में

नीरव मोदी की याचिका पर सुनवाई कर रहीं जस्टिस इंग्रिड सिमलर ने मंगलवार को सुनवाई पूरी की। उन्होंने कहा कि यह मामला महत्वपूर्ण है, इसलिए इस पर विचार करने के लिए कुछ समय की जरूरत होगी और वह बुधवार अपना फैसला सुनाएंगी।  इससे पहले नीरव मोदी की कानूनी टीम ने जस्टिस सिमलर की अदालत के समक्ष दलील रखना शुरू किया था। उसकी टीम की कोशिश है कि मोदी को न्यायिक हिरासत में जेल में बंद रखने के मजिस्ट्रेटी अदालत के फैसले को पलट दिया जाए।

 

नीरव मोदी की वकील क्लेयर मोंटगोमरी ने हाई कोर्ट में कहा, “हकीकत यह है कि नीरव मोदी विकिलीक्स के सह-संस्थापक जूलियन असांजे नहीं हैं, जिसने इक्वाडोर के दूतावास में शरण ली है, बल्कि सिर्फ एक साधारण भारतीय जौहरी है।” समोंटगोमरी ने हाई कोर्ट में कहा, “हकीकत यह है कि नीरव मोदी कोई दुर्दांत अपराधी नहीं है जैसा कि भारत सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है. वह एक जौहरी हैं और उन्हें ईमानदार और विश्वसनीय माना जाता है।”

 

जस्टिस सिमलर ने इस पर हस्तक्षेप करते हुए इस आशंका का संकेत दिया कि नीरव मोदी जमानत पर छूटने के बाद भाग सकता है। उन्होंने कहा मोदी के पास ब्रिटेन से भागने के साधन हैं और इस मामले में इस बात को ध्यान में रखना होगा।  उन्होंने कहा कि ‘काफी भारी भरकम रकम’ का मामला है।

 

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