Wed. Oct 21st, 2020

निष्कासन पर विधायक प्रदीप यादव ने कहा, बंधु के साथ नहीं हुआ इंसाफ

रांची : नागरिकता संसोधन कानून अर्थात सीएए 2019 को रद्द करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में झारखंड छात्र संघ द्वारा जनहित दायर किया गया। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अली मोहम्मद माज ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से सामाजिक संगठनों द्वारा अब तक 72 याचिकाएं दायर हो चुकी हैं, जिनपर 22 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई होगी।

पीआईएल करता शमीम अली उर्फ एस अली ने बताया कि केन्द्र सरकार ने संविधान की मूलभावना के साथ संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 का उल्लंघन करते हुए तीन देशों के 6 धर्मों के शरणार्थियों को नागरिकता देने हेतु सीएए कानून बनाया है। जिसमें सरकार का राजनीतिक स्वार्थ छुपा है। केन्द्र सरकार के इस कानून के विरोध में केरल एवं पंजाब राज्य की विधानसभा से इसके विरोध में प्रस्ताव पारित किया है। याचिकाकर्ता के साथ आमया संगठन के सचिव रहमतुल्लाह अंसारी, अमन ग्रूप के संस्थापक अमन राज, हारिश आलम व मो. इरफान शामिल थे।

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