Sun. Sep 27th, 2020

मायावती ने यूपी में बस को लेकर कहा, बीजेपी-कांग्रेस दोनों कर रही है सियासत

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लखनऊ : कोरोना काल में भी उत्तर प्रदेश में प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर सियासत जारी है। यूपी में प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के लिए बस पर हो रही राजनीति के बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा और कांग्रेस दोनों को आड़े हाथों लिया है। बुधवार को कई ट्वीट कर मायावती ने मजदूरों को घर भेजने के नाम पर बीजेपी और कांग्रेस पर घिनौनी राजनीति का आरोप लगाया है। साथ ही मायावती ने कांग्रेस के नीयत पर भी सवाल खड़ा किया है और कहा कि अगर इनको बस से ही मदद करनी है तो पहले कांग्रेस शासित राज्यों में मदद करनी चाहिए।

दरअसल, बीते दो दिनों से यूपी में प्रवासी मजदूरों को बस से घर भेजने के नाम पर राजनीति हो रही है। प्रियंका गांधी ने यूपी सरकार को 1000 बसें देने का प्रस्ताव रखा, जिसे बाद में सरकार ने स्वीकार कर लिया। बुधवार को बसपा प्रमुख मायावती ने सिलसिलेवार कई ट्वीट करते हुए शक जताया कि कहीं बीजेपी और कांग्रेस आपसी मिलीभगत के जरिए तो यह राजनीति नहीं कर रहीं, ताकि कोरोना त्रासदी के मुद्दे से ध्यान भटकाया जा सके। उन्होंने ट्वीट किया, ‘पिछले कई दिनों से प्रवासी श्रमिकों को घर भेजने के नाम पर खासकर बीजेपी व कांग्रेस द्वारा जिस प्रकार से घिनौनी राजनीति की जा रही है यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण। कहीं ऐसा तो नहीं ये पार्टियां आपसी मिलीभगत से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करके इनकी त्रासदी पर से ध्यान बांट रही हैं?

उन्होंने आगे लिखा, ‘यदि ऐसा नहीं है तो बी.एस.पी. का कहना है कि कांग्रेस को श्रमिक प्रवासियों को बसों से ही घर भेजने में मदद करने पर अड़ने की बजाए, इनका टिकट लेकर ट्रेनों से ही इन्हें इनके घर भेजने में इनकी मदद करनी चाहिये तो यह ज्यादा उचित व सही होगा। जबकि इन्हीं सब बातों को खास ध्यान में रखकर ही बीएसपी के लोगों ने अपने सामर्थ्य के हिसाब से प्रचार व प्रसार के चक्कर में ना पड़कर बल्कि पूरे देश में इनकी हर स्तर पर काफी मदद की है अर्थात् बीजेपी व कांग्रेस पार्टी की तरह इनकी मदद की आड़ में कोई घिनौनी राजनीति नहीं की है।

बसपा सुप्रीमो ने फिर कहा, ‘ बीएसपी की कांग्रेस पार्टी को यह भी सलाह है कि यदि कांग्रेस को श्रमिक प्रवासियों को बसों से ही उनके घर वापसी में मदद करनी है अर्थात ट्रेनों से नहीं करनी है तो फिर इनको अपनी ये सभी बसें कांग्रेस-शासित राज्यों में श्रमिकों की मदद में लगा देनी चाहिये तो यह बेहतर होगा।

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