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मार्टिन गुप्टिल : 2015 में हीरो, 2019 में जीरो

2015 में खेल चुके हैं नाबाद 237 रनों की विश्व कप की सबसे बड़ी पारी

11.07.2019

मैनचेस्टर : विश्व कप 2015 की उपविजेता न्यूजीलैंड ने चार साल बाद इंगलैंड की मेजबानी में खेले जा रहे विश्व कप में आशा के अनुरूप प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरी बार सेमीफाइनल में प्रवेश किया। कीवी टीम ने केन विलियम्सन की कप्तानी में टूर्नामेंट की शुरुआत में शानदार प्रदर्शन किया और 6 मैच में पांच में जीत हासिल की, लेकिन टूर्नामेंट के आखिरी दौर में उस लगातार तीन मैच में हार का सामना करना पड़ा। कीवी टीम और पाकिस्तान के अंत में अंक बराबर रहे, लेकिन उसे शुरुआती सफलता का फायदा मिला और बेहतर रन रेट के आधार पर सेमीफाइनल में शिरकत करने का मौका मिला।

साल 2015 में शानदार प्रदर्शन करने वाले बायें हाथ के तेज गेंदबाज ट्रेट बोल्ट की धार तो 2019 में बरकरार रही, लेकिन पिछली बार टीम की सफलता में अहम योगदान देने वाले बल्लेबाज मार्टिन गुप्टिल का बल्ला इस बार खामोश ही रहा। इसी वजह से टीम के प्रदर्शन में भी टूर्नामेंट में उतार-चढ़ाव दिखाई दिया। गुप्टिल मंगलवार को टीम इंडिया के खिलाफ 14 गेंद खेलकर केवल 1 रन बना सके।

वो जसप्रीत बुमराह की गेंद पर स्लिप पर विराट के हाथों लपके गये। श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 73 रन की पारी खेलकर टूर्नामेंट में शुरुआत करने वाले गुप्टिल का बल्ला इसके बाद खामोश ही रहा। उसके बाद वो ज्यादा देर तक पिच पर नहीं टिक सके। 9 पारियों में उनके बल्ले से 73, 25, 0, 35, 0, 5, 20, 8, 1 रनों की पारियां निकलीं।

विश्व कप 2015 में गुप्टिल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 9 मैच की 9 पारियों में 68.37 की औसत से 547 रन बनाए थे। उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 237* रन था। ये पारी उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले में खेली थी। ये पारी आज भी विश्व कप में किसी भी बल्लेबाज द्वारा खेली सबसे बड़ी पारी है।

पिछले विश्व कप में वो दो शतक जड़े थे। वो न्यूजीलैंड के लिए एक विश्व कप में 500 से ज्यादा रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज भी बने थे और विश्व कप के सबसे सफल बल्लेबाज भी बने थे, लेकिन चार साल बाद इंगलैंड में वो अपने बलले का जौहर नहीं दिखा सके।