Tue. Sep 22nd, 2020

जुलाई में तेज हुई विनिर्माण क्षेत्र की गिरावट

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मुंबई : उत्पादन और नये ऑर्डरों में कमी से देश के विनिर्माण क्षेत्र में लगातार चौथे महीने सुस्ती देखी गई और जून की तुलना में जुलाई में इसकी गिरावट तेज रही।

आईएचएस मार्किट द्वारा जारी विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) जुलाई में घटकर 46 पर आ गया। जून में पीएमआई 47.2 दर्ज किया गया था। माह-दर-माह आधार पर जारी होने वाले इस सूचकांक का 50 से नीचे रहना गिरावट और इससे ऊपर रहना वृद्धि दर्शाता है। सूचकांक 50 से जितना कम होगा वह उतनी ही तेज गिरावट को दर्शायेगा। इस साल अप्रैल से लगातार चौथे महीने विनिर्माण पीएमआई में गिरावट रही है।

आईएचएस मार्किट के अर्थशास्त्री इलियट केर ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा ”कोविड-19 महामारी से सर्वाधिक प्रभावित देशों में से एक भारत के हालिया पीएमआई आंकड़े देश के आर्थिक हालात पर प्रकाश डालते हैं। सर्वेक्षण के परिणामों से पता चलता है कि जुलाई में उत्पादन और नये ऑर्डरों में गिरावट एक बार फिर बढ़ गई है।” उन्होंने कहा कि कई कंपनियाँ कह रही हैं कि उन्हें काम नहीं मिल रहा है क्योंकि उनके कुछ क्लाइंट अभी लॉकडाउन में हैं। इससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि जब तक कोरोना के नये मामले आने कम नहीं हो जाते विनिर्माण गतिविधियों में तेजी की उम्मीद नहीं है।

उत्पादन और घरेलू तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नये ऑर्डर कम रहने से कंपनियों ने एक तरफ कच्चे माल की खरीद कम कर दी तो दूसरी ओर कर्मचारियों की छंटनी भी की। छँटनी की रफ्तार जून के रिकॉर्ड स्तर के आसपास ही रही। कच्चे माल की खरीद में लगातार पांचवें कमी दर्ज की गई।

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