Mon. Nov 23rd, 2020

उमर खालिद और शरजील इमाम की न्यायिक हिरासत 20 नवम्बर तक बढ़ी

नई दिल्ली : दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली हिंसा मामले में गिरफ्तार जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद और शरजील इमाम की न्यायिक हिरासत 20 नवम्बर तक के लिए बढ़ा दी है। एडिशनल सेशंस जज अमिताभ रावत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई के बाद आज तिहाड़ जेल के सुपरिंटेंडेंट को निर्देश दिया कि वो उमर खालिद को नियमों के मुताबिक सेल से बाहर निकलने की अनुमति दे।

सुनवाई शुरु होते ही कोर्ट ने जेल सुपरिंटेंडेंट से कहा कि आप पर आरोप है कि आप उमर खालिद को सेल से बाहर नहीं निकलने देते हैं। तब जेल सुपरिंटेंडेंट ने कहा कि ऐसा नहीं है। हम नियमों का पालन कर रहे हैं और उसे दूसरे कैदियों की तरह ही सुविधाएं मिल रही हैं। तब उमर खालिद के वकील त्रिदिप पायस ने जेल सुपरिंटेंडेंट की ओर से दिए गए जवाब की प्रति वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान स्क्रीन पर शेयर की ताकि उमर खालिद उसे देख सके।

त्रिदिप ने जवाब की अंतिम दो प्रविष्टियों की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि ऐसा किसी दूसरे के साथ नहीं हो। उमर को 30 घंटे के अंदर बाहर नहीं जाने दिया गया। उमर खालिद को बाहर निकलने का समय नहीं बताया गया है तब कोर्ट ने कहा कि हमने भी इसे पढ़ा है। तब उमर खालिद के वकील ने पूछा कि क्या उमर चिड़ियाघर का जानवर है ।

जेल सुपरिंटेंडेंट ने कहा कि उमर को अन्य कैदियों की तरह बाहर निकलने की अनुमति मिलती है। तब कोर्ट ने उमर से पूछा कि क्या आपको सेल से बाहर निकलने की अनुमति मिलती है। तब उमर ने कहा कि हमें इसकी अनुमति नहीं दी जा रही थी। जब हमने कल कोर्ट से इसकी शिकायत की उसके बाद सुधार आया है।

जेल सुपरिंटेंडेंट हमारे पास आए और हमें बाहर ले गए। उसके पहले हमें काफी घंटों के बाद आधे घंटे के लिए बाहर जाने का मौका मिलता था। पिछले कुछ दिनों से हमें किसी से मिलने भी नहीं दिया गया। मैं उम्मीद करता हूं कि स्थिति सुधरेगी। सुनवाई के दौरान उमर खालिद ने किताबें और गर्म कपड़े उपलब्ध कराने की अनुमति मांगी। तब जेल सुपरिंटेंडेंट ने कहा कि हम इसकी अनुमति देंगे।

पिछले 22 अक्टूबर को जेल के सेल से बाहर निकलने की अनुमति नहीं मिलने की उमर खालिद की शिकायत पर कोर्ट ने जेल सुपरिंटेंडेंट को पेश होने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान उमर खालिद ने कोर्ट से शिकायत की थी कि मुझे अपने सेल से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाती है और किसी को मुझसे बात करने की इजाजत नहीं दी जाती है। यह एकांत कारावास जैसा है। उमर खालिद की शिकायत के बाद कोर्ट ने जेल सुपरिंटेंडेंट को पेश होने का निर्देश दिया था।

बता दें कि उमर खालिद को 13 सितंबर को करीब दस घंटे की पूछताछ के बाद स्पेशल सेल ने रात में गिरफ्तार कर लिया था। पिछले 17 सितंबर को कोर्ट ने दिल्ली दंगों को लेकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की ओर से दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। 16 सितंबर को स्पेशल सेल करीब 18 हजार पन्नों का चार्जशीट लेकर दो बक्सों में पहुंची थी।

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