Mon. Feb 17th, 2020

जेएमएम के पूर्व राज्यसभा सांसद संजीव कुमार ने पार्टी से इस्तीफा दिया

रांची : सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता और पूर्व राज्यसभा सांसद संजीव कुमार ने झारखंड मुक्ति मोर्चा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी अध्यक्ष शिबू सोरेन को पत्र भेजकर उन्होंने अपना इस्तीफा स्वीकार करने का आग्रह किया। इसके लिए उन्होंने निजी कारणों का हवाला दिया है। संजीव कुमार जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन के करीबी माने जाते हैं।

संजीव कुमार ने कई मामलों में शिबू सोरेन के लिए सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कर उन्हें राहत दिलाई थी। शशिनाथ झा हत्याकांड से लेकर सांसद घूसकांड में आरोपित रहे गुरुजी के लिए उन्होंने बतौर वकील केस लड़ा और राहत दिलाई थी। बदले में पार्टी ने उन्हें 2008 में झारखण्ड से राज्यसभा भेजा। संजीव कुमार दिल्ली में झामुमो का चेहरा माने जाते थे।

बतौर राज्यसभा सदस्य संजीव कुमार ने झारखंड में भूख से मौत के मामले को संसद में उठाया था। उच्च सदन में उन्होंने कहा कि झारखण्ड में शासन की लापरवाही से कई लोगों की भूख से अकाल मौत हो गयी। उन्होंने कहा था कि शासन और प्रशासन की लापरवाही के कारण गरीबों को मिलने वाला राशन कई महीने से बंद था। इस कारण झारखण्ड के विभिन्न हिस्सों में एक के बाद एक भूख से मौतें हुईं।

जेएमएम महासचिव मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि संजीव कुमार ने निजी कारणों से इस्तीफा दिया है, इससे पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस बीच कुमार ने हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में कहा कि वह 33 वर्षों तक शिबू सोरेन के मुकदमे लड़ते रहे और अपने प्रोफेशन के प्रति ध्यान नहीं दे पा रहे थे। उन्होंने कहा कि झामुमो से इस्तीफा देने के बाद वे वकालत के अपने पेशे की तरफ पूरा ध्यान केन्द्रित करेंगे।

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