Sun. Jul 5th, 2020

जेबीवीएनएल और डीवीसी के आपसी विवाद में आम उपभोक्ताओं प्रताडि़त: चैंबर

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मुख्यमंत्री से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप का आग्रह

रांची : डीवीसी कमांड एरिया में डीवीसी द्वारा बिजली कटौती करने के अल्टीमेटम पर झारखंड चैंबर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जेबीवीएनएल और डीवीसी के आपसी विवाद में आम उपभोक्ताओं को प्रताडि़त करना न्यायसंगत नहीं है।

अध्यक्ष कुणाल अजमानी ने कहा कि पिछले कई वर्षों से हर चार-पांच महीने के अंतराल पर डीवीसी द्वारा ऐसी स्थितियां उत्पन्न कर दी जाती हैं, जो राज्य की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।

बिजली कटौती आरंभ होने के बाद राज्य सरकार द्वारा डीवीसी से संधि करके एक छोटे समय के लिए परेशानी को टालने की कोशिश की जाती है, जिससे कमांड एरिया के सात जिलों रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, चतरा, गिरिडीह, धनबाद व बोकारो के आम उपभोक्ता (विशेषकर वहां स्थापित उद्योग) प्रताडि़त होते हैं।

सरकार को इस पर गंभीरता से चिंतन करना चाहिए कि जेबीवीएनएल राजस्व की वसूली तो कर ही रहा है, फिर क्यों नहीं जेबीवीएनएल द्वारा समय पर डीवीसी को बकाया भुगतान करके कमांड एरिया में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुलभ कराई जाती है। अध्यक्ष ने इस मामले में मुख्यमंत्री से शीघ्र हस्तक्षेप का आग्रह किया और कहा कि जेबीवीएनएल और डीवीसी के आपसी विवाद का स्थाई समाधान किया जाय ताकि डीवीसी के कड़े स्टेप के कारण कमांड एरिया के उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली कटौती का सामना नहीं करना पड़े।

विदित हो कि इस मामले पर चैंबर अध्यक्ष ने केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री आरके सिंह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वार्ता कर उपभोक्ताओं की कठिनाईयों से अवगत कराया। साथ ही रांची सांसद संजय सेठ और जयंत सिन्हा से भी वार्ता की।

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