Wed. Apr 1st, 2020

पर्यटकों के लिए आईआरसीटीसी की नयी पहल – रामभक्ति के वातावरण से परिपूर्ण होगी रामायण एक्सप्रेस

1 min read

 गाड़ी में वातानुकूलित एवं गैर वातानुकूलित दोनों प्रकार के होंगे कोच

नयी दिल्ली : भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) भगवान राम से जुड़े पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराने वाली रामायण एक्सप्रेस को इस साल नये कलेवर में पेश करेगी जिसमें आधुनिक सुखसुविधाओं के साथ ही यात्रा का पूरा वातावरण रामभक्ति से परिपूर्ण होगा।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि आईआरसीटीसी मार्च के अंत से विशेष पर्यटक ट्रेन रामायण एक्सप्रेस को नये कलेवर में उतारने जा रही है।

इसका रैक आधुनिक होगा और उसमें सुख सुविधाएं भी बढ़ायीं जाएंगी। गाड़ी में वातानुकूलित एवं गैर वातानुकूलित दोनों प्रकार के कोच होंगे ताकि हर आय वर्ग के लोगों को यात्रा करने का अवसर मिल सके। उन्होंने बताया कि इस गाड़ी के रैक के बाहर रामायण की कथाओं के चित्र उकरें जाएंगे। अंदर भी पूरा वातावरण भी रामभक्ति से रंगा हुआ होगा। भजन आदि की धुनें गूंजती रहेंगी।

यादव ने कहा कि जल्द ही रेलवे रामायण एक्सप्रेस के संचालन की पूरे वर्ष की तिथियों एवं आरंभिक स्थानों की घोषणा की जाएगी। इस बार देश के विभिन्न स्थानों से इसे शुरू किया जाएगा ताकि पूरे देश के लोगों को यात्रा का अवसर मिल सके। उन्होंने पैकेज के बारे में सवाल के जवाब में कहा कि किराये आदि के बारे में अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी।

आईआरसीटीसी द्वारा निजी ट्रेनों की शृंखला में तीसरी ट्रेन काशी महाकाल एक्सप्रेस के बारे में यादव ने बताया कि तीन ज्योर्तिलिंगों -काशी विश्वनाथ, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर को जोड़ने वाली यह गाड़ी सप्ताह में तीन दिन चलेगी और इस गाड़ी को खूब अच्छा यातायात मिलने की संभावना है। यदि यात्री अधिक हुए तो इसे रोजाना चलाने का भी फैसला किया जा सकता है। यह गाड़ी 18 से साढ़े 18 घंटे में वाराणसी से इंदौर पहुंचाएगी। वाराणसी से मंगलवार, गुरुवार को बारास्ता लखनऊ झांसी भोपाल उज्जैन होकर चलेगी जबकि रविवार को बारास्ता प्रयागराज, कानपुर, झांसी, भोपाल उज्जैन होकर चलेगी।

उन्होंने कहा कि निजी ट्रेनों की शृंखला में पहली शायिका वाली ट्रेन होगी जिसमें हमसफर एक्सप्रेस का रैक लगाया जाएगा। अन्य दोनों निजी गाड़यिां- लखनऊ -आनंद विहार तेजस और मुंबई -अहमदाबाद तेजस एक्सप्रेस कुर्सीयान वाली हैं। उन्होंने बताया कि काशी महाकाल एक्सप्रेस का किराया बाजार की मांग पर आधारित होगा।

उन्होंने यह भी बताया कि काशी महाकाल एक्सप्रेस में साधारण टिकट से यात्रा के साथ साथ तीनों ज्योर्तिंिलगों एवं आसपास के दर्शनीय स्थलों को मिला कर विभिन्न पर्यटन पैकेज भी बनाये गये हैं।
रामायण एक्सप्रेस को जनकपुर से भी जोड़ने का किया जाएगा प्रयास

एक सवाल के जवाब में उन्होंने संकेत दिया कि रामायण एक्सप्रेस को भविष्य में नेपाल में जनकपुर से भी जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि नेपाल सरकार के सहयोग से भारतीय रेलवे ने जयनगर से जनकपुर तक रेलवे लाइन बिछा दी है। उसका औपचारिक उद्घाटन जल्द ही होेने की आशा है। गाड़ी रामेश्वरम, नासिक, चित्रकूट, अयोध्या आदि स्थानों को जोड़ेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

shares
error

Enjoy this blog? Please spread the word :)