Wed. Apr 1st, 2020

शपथ पत्र के माध्यम से जवाब देने का निर्देश

रांची : बच्चों से संबंधित बनाए गए कानून का पालन करने को लेकर बचपन बचाओ नामक संस्था द्वारा दायर जनहित याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश डॉक्टर रवि रंजन और न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में मामले पर सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत 4 सप्ताह में सरकार को विस्तृत शपथ पत्र के माध्यम से बिंदुवार जवाब पेश करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद होगी।

बाल संरक्षण आयोग के रिक्त पद को भरें

अदालत में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत को जानकारी दी कि झारखंड राज्य बाल संरक्षण आयोग में नाही अध्यक्ष हैं और ना ही सदस्य हैं। ऐसी स्थिति में यहां पर किस तरह से बच्चों के संबंधित कानून का संरक्षण होगा। या इसका लाभ बच्चों को मिलेगा। जिस पर अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए। सरकार को 4 सप्ताह में राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष और सदस्य के पद की नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ कर अदालत को अवगत कराने का आदेश दिया है।

बाल कल्याण में नियुक्ति प्रक्रिया बताएं

बाल कल्याण समिति के सदस्यों का मार्च में पद रिक्त होने बिंदु पर अदालत का ध्यान आकृष्ट कराते हुए याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि पद रिक्त होने से पूर्व ही अगर नियुक्ति की प्रक्रिया कर ली जाए और उस पर नियुक्ति भी कर दी जाए तो बच्चों के कल्याण संबंधी कार्य में कभी बाधाएं नहीं आऐंगी, जिस पर अदालत ने राज्य सरकार को कमेटी के सदस्यों की नियुक्ति संबंधी क्या प्रावधान है, उस पर 4 सप्ताह में जवाब पेश करने का आदेश दिया है।

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