Fri. Oct 30th, 2020

अगर आगे हमें मौका मिला तो हर खेत में पहुंचा देंगे पानी : नीतीश

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पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को चार विधानसभा क्षेत्रों में जनसभा को संबोधित किया। पहली सभा बक्सर के चौसा में भाजपा नेता और एनडीए उम्मीदवार परशुराम चतुर्वेदी के पक्ष में किया। वहीं दूसरी सभा डुमरांव, तरारी और जगदीशपुर में आयोजित थी। नीतीश ने लालू परिवार पर अटैक करते हुए कहा कि पति जेल गए तो पत्नी को मुख्यमंत्री बना दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में फिर से अपहरण-सामूहिक नरसंहार का दौर लौटे अगर यही चाहते हैं तभी उन्हें वोट कीजिएगा। फैसला आपके हाथ में है।

नीतीश कुमार ने लालू के शासनकाल की याद ताजा कराते हुए कहा कि अगर बिहार में अमन-चैन चाहते हैं तो एनडीए उम्मीदवार को वोट दीजिए। अगर फिर से वो लोग सत्ता में आयेंगे तो अपहरण उद्योग का राज लौट आएगा। नीतीश ने ये भी कहा कि हमलोगों को जब से सेवा करने का मौका मिला तब से लगातार काम कर रहे हैं।

एससी-एसटी, महिलाओं का या फिर अल्पसंख्यकों के साथ हर समाज और तबके के लिए काम किया है। लोगों को आगे बढ़ाना हमारा लक्ष्य है। हमलोग अब जितना काम किये हैं इसके आगे भी काम करेंगे। हर जिला में पॉलिटेक्निक संस्थान,आईटीआई,एएनएम संस्थान बन रहा है। इतना ही नहीं अब तो मेडिकल कॉलेज बन रहे। 8 मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं तीन बन चुका है और 3 बनने वाला है।

नीतीश कुमार ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं की तरक्की के लिए हमलोगों ने बहुत काम किया। महिलाओं को नौकरी में आरक्षण दिया, पुलिस में जितनी महिलायें हैं उतना शायद ही किसी राज्य में होंगी। हमलोगों ने घर-घर बिजली पहुंचा दी है। घर-घर शौचालय बनाने का काम लगभग पूरा हो गया है। घर-घर पीने का स्वच्छ पानी दे रहे हैं। नीतीश ने तेजस्वी पर अटैक करते हुए कहा कि कुछ लोगों का काम तो करना नहीं है। सिर्फ मेवा के फेरा में रहते हैं, लेकिन हमको काम करना है। अगर आगे हमें मौका मिला तो हर खेत में पानी पहुंचा देंगे। हर गांव में सोलर स्ट्रीट लाइट लगवा देंगे ताकि किसी को कोई दिक्कत न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कौन नहीं जानता कि देश एक है जिसको जहां जाना है जा सकता है। मगर मजबूरी में किसी को बाहर नहीं जाना पड़े। डॉक्टर का अपहरण हो जाता था। क्या अब अपहरण हो रहा है, व्यापारी डर कर भाग रहा है। मुझे याद है इतने कम व्यापारी बचे थे, उन सबलोगों का अभिनंदन किया था कि आपलोग भागे नहीं और यहां रह गए। न्याय के साथ विकास का मतलब है हर इलाके का विकास, समाज के हर तबके का विकास, उत्थान किया। किसी की उपेक्षा नहीं किया गया।

वोट मेरा उद्देश्य नहीं बल्कि सभी के समाधान का काम करते हैं। हाशिए पर जो जाति हैं उन्हें मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया। महिला, एससी-एसटी, अल्पसंख्यक सबके लिए काम किया गया। महिलाओं, अतिपिछड़ों को चुनाव में कितना जगह मिला है, आप देख रहे हैं। महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया। अतिपिछड़े को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया। महिलाएं कितनी बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि हैं।

लड़कियां साईकिल चलाकर स्कूल जाने लगी दृश्य बदल गया। उनका आत्मविश्वास बढ़ा। बाद में लड़कों के लिए भी साइकिल योजना उनकी मांग पर दिया। नवें क्लास में 1 लाख 70 हजार से भी कम लड़कियां स्कूलों में थी। अब लड़के-लड़कियां दोनों बराबर हो गई है। 15 साल में कितना कम स्वयं सहायता केंद्र था। हमने वर्ल्ड बैंक से कर्ज लेकर जीविका समूह का गठन किया 1 करोड़ 20 लाख महिलाएं जुड़ चुकी हैं।

बिहार में विकास के पीछे महिला-पुरुष के साथ काम करने का नतीजा है। स्कूल, अस्पताल, पुल पुलिया, सड़क का निर्माण कराया काम बहुत किया। स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों में महादलित और अल्पसंख्यक बच्चों को तालिमी मरकज और टोला सेवक के माध्यम से पढ़ाकर स्कूल पहुंचाने का काम किया। हमलोगों ने काम करना शुरु किया तो आज 10 हजार से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं इलाज के लिए। अपराध पर नियंत्रण किया, केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार 2018 के आंकड़ों में बिहार 23 वें स्थान पर नीचे चला गया है।

राज्य आमदनी के मामले में 2005-06 में 76 हजार 476 करोड़ पूरे बिहार का था। आज साढ़े 10 प्रतिशत के हिसाब से प्रति व्यक्ति आमदनी हो रही है। हर जिला में पॉलिटेक्निक, आईटीआई, एएनएम, जीएनएम, पारा मेडिकल,जैसी संस्थाओं को शुरु कराने का काम किया। केंद्र के सहयोग से 8 और नए मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे। पहले हमलोगों ने 3 बनाया और 3 बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अगली बार मौका मिलेगा तो हर खेत तक पानी पहुंचा देंगे। बिजली हर गांव में हर गांव में सोलर स्ट्रीट लाइट लगा देंगे ताकि किसी को दिक्कत न हो। नई टेक्नोलॉजी के लिए जब आगे मौका मिलेगा तो लोगों को प्रशिक्षण देंगे। हर जिले में कोई भी 10 वीं, 12 वीं तक पढ़ा है उसको प्रशिक्षित करेंगे। राज्य अपनी हैसियत से काम कर रहा है केद्र् का भी सहयोग मिल रहा है। हर बार जब भी मौका मिला तो काम एक से बढ़कर एक किया। बिहार की ऊंचाई को फिर से प्राप्त करने के लिए हम लगातार लगे हुए हैं। पुराने दिन से बचना चाहते हैं तो आगे करने का मौका दीजिएगा तो बिहार को और आगे ले जाएंगे।

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