Wed. Sep 30th, 2020

परिजन के साथ डॉक्टर व गार्ड की मारपीट मामले पर हाईकोर्ट गंभीर, कहा – हाथ में लाठी न लें डॉक्टर

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 स्वास्थ्य विभाग व रिम्स अधिकारी तलब, लगायी फटकार
 सचिव को 28 फरवरी तक जांच कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश

रांची : राजधानी रांची के रिम्स में सोमवार को एक गंभीर हालत के मरीज के परिजन के साथ मारपीट के मामले स्थानीय समाचार पत्र में आने पर झारखंड हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए, स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी और रिम्स के अधिकारियों को तलब किया। अदालत ने स्वास्थ्य सचिव को 28 फरवरी तक मामले की जांच कर अदालत में जांच रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।

मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने मामले पर संज्ञान लेते हुए महाधिवक्ता राजीव रंजन को बुलाया। उन्हीं के माध्यम से स्वास्थ्य अधिकारी को शीघ्र अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया। स्वास्थ्य अधिकारी आनन-फानन में अदालत पहुंचे। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने मौखिक रूप से अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि सीनियर डॉक्टर जूनियर डॉक्टर को प्रोटेक्शन देते हैं। प्रोटेक्शन देने की भी एक लिमिट होती है। समाज में शिक्षक और डॉक्टर का सम्मान है। इस तरह से डॉक्टर को व्यवहार नहीं करना चाहिए। डॉक्टर किसी भी हालत में हाथ में लाठी न लें।

उन्होंने कहा कि कानून किसी को अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। अदालत ने मामले की दो सप्ताह में जांच कर 28 फरवरी तक स्वास्थ्य सचिव और रिम्स प्रबंधन को जांच रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 28 फरवरी को होगी। सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव अभिषेक श्रीवास्तव डायरेक्टर रिम्स विवेक कश्यप और डॉक्टर मंजुल गाड़ी अदालत में उपस्थित थे। मामले पर पूछे जाने पर रिम्स प्रशासन की ओर से अदालत को जानकारी दी गयी कि वे लोग भी जांच की बिंदु पर विचार कर रहे थे। लेकिन जांच अभी शुरू नहीं की गयी है।

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