Sun. Sep 27th, 2020

डोरंडा दुष्कर्म व हत्या मामले में पुलिसिया जांच पर हाइकोर्ट नाराज, कहा – पुलिस ने केस का भट्ठा बैठा दिया

रांची : झारखंड हाई कोर्ट ने डोरंडा में नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में सुनवाई के दौरान इस घटना की पुलिसिया जांच पर सख्त नाराजगी जतायी है। उन्होंने पिछले 6 वर्षों से चल रही पुलिसिया जांच पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस की जांच ऐसी प्रतीत होता है कि दोषी को सजा दिलाने के लिए न होकर महज खानापूर्ति के लिए की जा रही है।

मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि छह साल बाद भी जांच जारी होने की बात कहना दुखद है। पुलिस ने इस केस का भट्ठा ही बैठा दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामले में काफी समय गवां दिया गया है कि अब मामले में मात्र पांच फीसदी ही चांस है कि दोषियों को सजा मिले। उन्होंने कहा कि अभी भी पुलिस जांच के लिए समय की ही मांग कर रही है।

दरअसल, वर्ष 2013 में डोरंडा में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी गयी थी। इसके विरोध में रांची बंद रही। इस पर हाई कोर्ट स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा है।

सुनवाई के दौरान सरकार की ओर कहा गया कि इस मामले में 11 संदिग्धों में से दो संदिग्ध की नारको टेस्ट करने की प्रक्रिया की जा रही है। इतना सुनते हुए अदालत ने कहा कि छह साल से जांच चल रही है और पुलिस के पास कुछ ही अपडेट है। दोषियों को सजा दिलाना भी है या सिर्फ पुलिस इस मामले की जांच ही करती रहेगी। अदालत ने कहा कि इस तरह की घटना के बाद कुछ दिनों तक हम सभी नींद से उठते हैं और बाद में फिर सो जाते हैं। पुलिस की जांच जब सही तरीके नहीं होगी, तो फिर लोकतंत्र और कोर्ट का कोई फायदा नहीं है।

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