Wed. Feb 19th, 2020

हेमंत मंत्रिमंडल का विस्तार, राज्यपाल ने सात को दिलायी मंत्री पद की शपथ – हेमंत के अब 10 सिपहसालार

हाजी, जगरनाथ, चंपई, जोबा, मिथिलेश, बन्ना व बादल बने मंत्री

रांची : हेमंत सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार मंगलवार को हुआ। राजभवन में राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने झामुमो के हाजी हुसैन अंसारी, जगरनाथ महतो, चंपई सोरेन, मिथिलेश ठाकुर और जोबा मांझी तथा कांग्रेस के बन्ना गुप्ता और बादल पत्रलेख को मंत्री पद की शपथ दिलायी। इस मौके पर झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन और कांग्रेस के झारखंड प्रभारी आरपीएन सिंह भी मौजूद थे। इस तरह हेमंत मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या बढ़कर दस हो गयी है। अभी भी मंत्री की एक सीट बची हुई है।

हेमंत सोरेन के सिपाहसलाहों में आठ अनुभवी और दो नये चेहरों को शामिल किया गया है। आलमगीर आलम, सत्यानंद भोक्ता, बन्ना गुप्ता, चंपई सोरेन, हाजी हुसैन अंसारी, जोबा मांझी पूर्व में मंत्री रह चुके हैं। वहीं, डॉ रामेश्वर उरांव यूपीए की सरकार में केंद्र में मंत्री का दायित्व संभाल चुके हैं। झामुमो के मिथिलेश ठाकुर, जगरनाथ महतो और कांग्रेस के बादल पत्रलेख पहली बार किसी सरकार में मंत्री बने हैं।

चम्पई सोरेन, हाजी हुसैन अंसारी, जगरनाथ महतो, जोबा मांझी, बन्ना गुप्ता, बादल और मिथिलेश कुमार ठाकुर को झारखंड राज्य के मंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई एवं शुभकामनाएं। यह मंत्रिमंडल ही नहीं, बल्कि टीम झारखंड है। हम सब मिलकर विकास की नयी इबारत लिखेंगे। हमारी टीम राज्य की विकास यात्रा को गति देने एवं हर एक झारखण्डी के सपनों को पूरा करने का कार्य करेगी। आइए! हम सब मिलकर अपने झारखंड और भारत की समृद्धि के लिए काम करें।

 हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री

तीन मंत्री मुख्यमंत्री के साथ ही ले चुके हैं शपथ
10 में आठ अनुभवी, दो नये चेहरे
अब विभागों के बंटवारे पर टिकी सबकी निगाहें
जानिए इन सात मंत्रियों को
हाजी हुसैन अंसारी

मधुपुर विधानसभा से तीसरी बार चुनाव जीते हैं। इससे पहले भी वे मंत्री रहे हैं। हालांकि हज हाउस के निर्माण में हुई गड़बड़ी को लेकर वे विवादों में भी रहे थे।

जगरनाथ महतो

डुमरी से चौथी बार चुनाव जीते हैं। वे पहली बार मंत्री बने हैं। जगरनाथ महतो पार्टी के टिकट से दो बार गिरिडीह संसदीय क्षेत्र का चुनाव भी लड़ चुके हैं।

जोबा मांझी

मनोहरपुर से पांच बार की विधायक हैं। इससे पहले एकीकृत बिहार सरकार और झारखंड में भी वे मंत्री रह चुकी हैं। इस सरकार में एक मात्र महिला मंत्री हैं।

चंपई सोरेन

5वीं बार सरायकेला से चुनाव जीते हैं। इससे पहले भी वे मंत्री रहे हैं। चंपई 2019 का लोकसभा चुनाव जमशेदपुर से लड़े थे, लेकिन वे भाजपा से हार गये थे।

मिथिलेश कुमार ठाकुर

गढ़वा से पहली बार चुनाव जीते हैं। अब उन्हें मंत्री पद की जिम्मेवारी मिली है। मिथिलेश चाईबासा नगर पर्षद के अध्यक्ष भी रहे हैं। विधानसभा का चुनाव जीतने के बाद उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया था।

बन्ना गुप्ता

जमशेदपुर पश्चिमी से दूसरी बार चुनाव जीते हैं। बन्ना गुप्ता पहले भी मंत्री रहे हैं। भाजपा के सरयू राय जैसे दिग्गज नेता को 2009 के चुनाव में हराये थे। इस बार भाजपा प्रत्याशी देवेन्द्र सिंह को पराजित किया है।

बादल पत्रलेख

जरमुंडी से विधायक हैं। दूसरी बार जीते हैं। बादल पहली बार मंत्री बने हैं। सादगी, सहजता और अभावों के बीच राजनीति में जगह बनायी है। पहली बार 2014 में वे चुनाव जीते थे, तब उनके पास कोई गाड़ी तक नहीं थी।

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