Sun. Sep 27th, 2020

दिल्ली में स्मॉग टावर मामले में 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को केंद्र सरकार ने कहा है कि दिल्ली में स्मॉग टावर का काम बहुत जल्द शुरू किया जाएगा। आईआईटी बांबे और टाटा ने अमेरिका की मिनिसोटा यूनिवर्सिटी से तकनीकी सहायता के लिए समझौता दिया है। इस मामले पर कल यानि 11 अगस्त को सुनवाई होगी।

आज केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 9 अगस्त को अपना हलफनामा दाखिल कर दिया है। मेहता ने कहा कि स्मॉग टावर के लिए 8 अगस्त को सर्वे किया गया। जमीन का सैंपल एकत्र किया जा रहा है। दूसरे तकनीकी सर्वे पर काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि आईआईटी बांबे और टाटा ने अमेरिका की मिनिसोटा यूनिवर्सिटी से तकनीकी सहायता के लिए समझौता दिया है। मिनिसोटा यूनिवर्सिटी तकनीक देने की तिथि बताएगी। स्मॉग टावर के साइट प्लान के लिए एक आर्किटेक्ट नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तब कोर्ट ने मेहता से कहा कि आपका हलफनामा हमारे रिकॉर्ड में नहीं है। उसके बाद कोर्ट ने सुनवाई 11 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया।

केंद्र सरकार ने आज सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को बताया कि काम बहुत जल्द शुरू किया जाएगा। केंद्र ने कहा था कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने में 10 महीने लगेंगे। पिछले 30 जुलाई को कोर्ट ने दिल्ली में स्मॉग टावर लगाने के प्रोजेक्ट में हुई देरी पर नाराजगी जताते हुए सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता से हलफनामा दाखिल कर काम पूरा करने की जानकारी देने का निर्देश दिया था।

पिछले जनवरी महीने में कोर्ट ने तीन महीने में स्मॉग टावर लगाने का निर्देश दिया था लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। 25 नवंबर 2019 को कोर्ट ने दिल्ली में प्रदूषण पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि लोग घुटकर क्यों मरें। विस्फोटक के 15 बैग से शहर उड़ा दीजिए। लोगों की ज़िंदगी सस्ती हो गई है। जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा था कि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा सरकार को सत्ता का हक नहीं है। केंद्र और दिल्ली सरकार मतभेद भुला कर काम करें।

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