Wed. Aug 12th, 2020

छह महीने का टैक्स माफ करे सरकार : बस ऑनर्स एसोसिएशन

खूंटी : खूंटी जिला बस ऑनर्स एसोसिएशन ने राज्य सरकार से लॉक डाउन के दौरान छह महीने का टैक्स और बीमा राशि माफ करने की मांग की है। मांग नहीं माने जाने पर बस मालिकों ने एक जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को मेन रोड स्थित कार्यालय में बस मालिकों की हुई बैठक में सरकार से अगले तीन महीने के टैक्स में भी 50 फीसदी राशि माफ करने की मांग की गयी। बस मालिकों ने कहा कि लॉक डाउन की अवधि में बसों का परिचालन पूरी तरह ठप रहा। 23 मार्च के बाद बस मालिक लगातार बंदी की मार झेल रहे हैं। इसके कारण बसों का संचालन करने वालों की कमर आर्थिक रूप से टूट चुकी है।

संघ के अध्यक्ष ने कहा कि बस मालिकों को अग्रिम के रूप में वाहन करए बीमाए फिटनेस परमिट अन्य तरह के शुल्क जमा करने पड़ते है। बसों का धंधा पूरी तरह ठप है। दुबारा बसों का परिचालन शुरू करने में काफी खर्च होगा। बस मालिकों के साथ ही बस के अन्य कर्मचारियों के समक्ष भी भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। बस मालिकों ने कहा कि यदि टैक्स में राहत नहीं दी गयी, तो अधिकतर बस मालिक बसों का परिचालन तक नहीं कर पायेंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को बस मालिकों, कर्मचारियों और यात्रियों के हित में इस दिशा में गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि डीजल सहित अन्य पाट्र्स के मूल्यों में विगत दो माह में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इस अप्रत्याशित वृद्धि का बोझ किराये के रूप में बस यात्रियों पर ही पड़ेगा। इस पर भी सरकार को सोचना चाहिए।

तीन चुनावों में अधिगृहित बसों का नहीं मिला भुगतान

2009, 2014 और 2019 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए अधिग्रहित बसों के किराये का भंगतान भी सरकार द्वारा अब तक नहीं किया गया है। एसोसिएशन ने कहा कि आर्थिक कठिनाई के इस दौर में सरकार यदि चुनाव के लिए ली गयी बसों का भुगतान कर दे, तो बस मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी। बस मालिकों ने कहा कि अभी उन्हें बसों का परिचालन शुरू करने में कई तरह के खर्चों का वहन करना पड़ेगा। चुनाव में ली गयी बसों का भुगतान नहीं मिलने से बसों का परिचालन भी प्रभावित हो सकता है।

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