Sun. Jan 17th, 2021

तालाबों पर छठ वर्तियों के लिए सुविधा उपलब्ध कराये सरकार : विहिप

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रांची : छठ महापर्व को लेकर विश्व हिन्दू परिषद ने झारखंड सरकार के गृह विभाग के द्वारा निर्देशित मापदंड को हिंदू आस्था के विरुद्ध बताया है। प्रांत मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु ने कहा कि छठ महापर्व समाज के गरीब से गरीब अथवा अमीर से अमीर, सभी की आस्था एक ऐसा महापर्व है, जिसकी परंपरा पूर्व से बनी हुई है, जो किसी जलाशय अथवा नदी पर ही संध्या में अस्त व प्रात: में उदय होते सूर्य को अर्ध्य देने के बाद पूर्ण होती है।

ऐसे में किसी भी श्रद्धालुओं को तलाब अथवा नदी में अर्घ्य नहीं देने की बात कहना, न्यायोचित नहीं है। वैश्विक कोरोना महामारी को देखते हुए प्रांत में हर व्यक्ति को सतर्क रहना अनिवार्य है,लोग मापदंड का अनुपालन कर भी रहें हैं। आज सभी लोगों को सतर्कता पालन करते हुए सार्वजनिक जगह में जाने की अनुमति प्रदान है। शिक्षण संस्था को छोड़कर बाजार, राजनीतिक चुनाव आदि अन्य बड़े – छोटे स्थानों पर भी सैकड़ों व्यक्ति एक जगह पर एकत्र हो रहे हैं।

फिर छठ महापर्व में तालाब न जाने की निर्देश देना, क्या हिंदू आस्था के प्रति अनादार करना नहीं है? डॉ०साहु ने कहा समाजिक समरस्ता के इस महापर्व में हिंदू समाज को अविवेकशील मानते हुए यदि सरकार इस प्रकार की परम्परा विरोधी निर्देश देती है, तो यह गलत है। हिंदू समाज को तिरस्कार करना सरकार का काम नहीं है। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के सभी कार्यकर्ता इस कार्य में सरकार व प्रशासन का सहयोग करेगा। विश्व हिंदू परिषद यह भी आश्वासन देती है कि छठवर्ती अनलॉकडॉन के मापदंड को मानते हुए मास्क पहनेंगे एवं दूरी का पालन करते हुए पूजन-अर्चन करेंगे।

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