May 11, 2021

Desh Pran

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आम्रपाली के महाप्रबंधक ने विस्थापित गांवों में गिनाई विकास की अनेक उपलब्धियां

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चतरा : सीसीएल की आम्रपाली कोल परियोजना में विगत नौ दिनों से चल रहे विस्थापित प्रभावित रैयतों का चार सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन लगातार जारी है।

वही इसी बीच महाप्रबन्धक एके चौबे ने पत्रकारों के विकास के मुद्दे पर सवाल पर बताया कि परियोजना के विस्थापित पांच गांव कुमरांग कला ,कुमरांग खुर्द ,उड़सु ,होन्हे ,विंगलात में एक करोड़ ग्यारह लाख की लागत से पंद्रह सौ घरों में सोलर लाइट लगाया जाएगा ।

उक्त बातें मगध आम्रपाली के महाप्रबन्धक एके चौबे ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान डकरा कार्यालय में बताई । बताया कि 1500 घरों में सौर ऊर्जा से रोशनी मिलेगी।

बताया कि इसके अलावे महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर स्वावलंबी बनाने के लिए सिलाई मशीन प्रशिक्षण दी जाएगी।जबकि सिविल और ट्रांसपोर्ट में 25% कार्य देने का प्रावधान है।

बताया कि विगत 17 अगस्त से आम्रपाली कोल परियोजना में जारी आंदोलन से सीसीएल रेलवे एवं राज्य सरकार को मिलने वाली रॉयल्टी में प्रतिदिन करोड़ों रुपए की आर्थिक क्षति हो रही है।

वही रैयतो की मांगो पर बताया कि लेबल लोडिंग पूरी तरह बंद कर दी गई है ।जिससे लेबर लोडिंग की मांग सुरक्षा कारणों से पुरी नहीं की जा सकती है। जबकि परियोजना में 303 एकड़ 4 एच हटाने एवं जीएम लैंड पर जिला प्रशासन से शीघ्र समाधान करने की पहल की जा रही है।

उन्होंने बताया कि आम्रपाली परियोजना में जमीन के बदले 80 लोगों को नौकरी दी जा चुकी हैं ।जबकि आने वाले 2 माह के अंदर 29 लोगों को नौकरी देने को लेकर प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है।

महाप्रबंधक चौबे ने बताया कि आम्रपाली परियोजना में 837.64 एकड़ भूमि का उपयोग कर रहे हैं । जिसमें 11.49 एकड़ रैयती भूमि है। व शेष वन भूमि शामिल है। जिसमें सड़क कैंप व परियोजना कार्यालय बनाए गए हैं ।

शिक्षा सुविधा के सवाल पर उन्होंने बताया कि शिक्षा को लेकर कायाकल्प विद्यालय का निर्माण करा लिया गया है जहां निशुल्क शिक्षा दी जाएगी। जबकि परियोजना से प्रभावित गांव के लिए स्कूल बस की सुविधा पूर्व में दी जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में चार तालाब सुंदरीकरण की योजना बनाई गई जिसमें तेलियाडीह तालाब सुंदरीकरण का कार्य 90 फ़ीसदी पूर्ण हो चुका है। जबकि पोकला एवं उड़सु तालाब सुंदरीकरण को लेकर टेंडर हो चुका है ।

उन्होंने कुमरांग खुर्द में पांच सौ मीटर पीसीसी सड़क निर्माण कराने की भी बात कही है। उन्होंने बताया कि 594 एकड़ भूमि का 53.3 करोड़ रुपए स्वीकृत एरिया में भेज दिए गए हैं।जिसमें 2.83 करोड़ रुपया उठाया गया है।

मुआवजा भुगतान प्राप्त करने को लेकर रैयतों को तीन- तीन मर्तबा नोटिस देने की बात कही। उन्होंने रैयतों से सहयोग की अपील करते हुए परियोजना से विस्थापित गांव में नौकरी मुआवजा स्वरोजगार उपलब्ध कराने की वचनबद्धता दोहराई। उन्होंने रैयतों से आंदोलन वापस लेते हुए परियोजना एवं गांव के विकास में सहयोग की अपील की।

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