Wed. Oct 23rd, 2019

60 सालों में पहली बार इतनी देर से लौटेगा मॉनसून – जाने से पहले मानसून की तबाही

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“इस बार मॉनसून जाने से पहली तबाही मचा रहा है। देशभर में लगातार बारिश हो रही है। कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है। कई राज्यों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिये गये हैं। यह स्थिति पिछले 60 सालों में आयी है, जब मानसून जाने के पूर्व इस तरह से वर्षा हो रही है। यही भी 60 साल बाद हुआ है, जब मानसून सबसे ज्यादा देरी से खत्म होने वाला है। मॉनसून असामान्य रूप से काफी देरी से लौटना अच्छा संकेत नहीं है। खासकर किसानों के लिए। इससे न सिर्फ खरीफ के उत्पादन पर बुरा असर पड़ेगा, बल्कि रबी की बुआई में भी देरी हो सकती है। वर्तमान में हो रही वर्षा का असर किसानों पर पड़ने लगा है। धान की फसल खेत में है, पर खलिहान में आयी खरीफ फसलों पर कुप्रभाव पड़ा है। खेतों में पानी भर जाने से रबी फसल की तैयारी नहीं हो पा रही है। हाल ही में केन्द्र सरकार ने कई जिलों अथवा क्षेत्रों को सुखाड़ प्रभावित घोषित किया है, पर वर्तमान के बारिश से होने वाले नुकसान की भरपाई की संभावना नजर नहीं आ रही है। किसानों के चेहरे पर हवाईयां उड़ रही हैं। पुणे बाढ़ से कराह रहा है। 17 लोगों की मौत हो चुकी है। हैदराबाद में भी बाढ़ जैसे हालात हैं, सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त है। वहां भी बारिश से 3 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर, देवरिया समेत यूपी के पूर्वांचल में पिछले 2-3 दिनों से भारी बारिश हो रही है। लखनऊ, वाराणसी में स्कूल बंद हैं। इसके अलावा बिहार में अगले 2-3 दिनों तक ‘बहुत ज्यादा’ बारिश की चेतावनी दी गई है। यह सब तब हो रहा है जब सितंबर का महीना अपने आखिरी पड़ाव पर है यानी जब मॉनसून अलविदा कह चुका होता है।”

1960 में हुई थी इतनी देर

1960 के बाद पहली बार मॉनसून इतनी देरी से अलविदा कहेगा। भारतीय मौसम विभाग के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र के मुताबिक 5 अक्टूबर तक मॉनसून के लौटने का कोई संकेत नहीं है।

उन्होंने बताया, 5 अक्टूबर तक मॉनसून के लौटने की शुरुआत का कोई संकेत नहीं है। दरअसल पश्चिमी राजस्थान जहां से मॉनसून का लौटना शुरू होता है, वहां अगले कुछ दिनों तक और ज्यादा बारिश का अनुमान है।’ आम तौर पर देश से मॉनसून की विदाई पश्चिमी राजस्थान से 1 सितंबर के आस-पास शुरू हो जाती है।

लेकिन इस बार पश्चिमी राजस्थान में ही सितंबर के आखिर और अक्टूबर के पहले हफ्ते में भी बारिश का पूवार्नुमान है। इससे पहले इतनी देरी से मॉनसून की विदाई 1960 में हुई थी। उसके बाद 2007 में भी काफी देरी से मॉनसून का लौटना शुरू हुआ था जब उसकी विदाई की शुरुआत 30 सितंबर से हुई थी।

बिहार में 29 तक मूसलाधार बारिश की चेतावनी

पुणे, हैदराबाद, लखनऊ, वाराणसी, भोपाल समेत देश के कई हिस्सों में भारी बारिश के बीच मौसम विभाग ने बिहार में अगले 2 दिनों तक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के मुताबिक 29 सितंबर को बिहार में भारी बारिश हो सकती है। शनिवार को कुछ इलाकों में तो ‘बहुत ही ज्यादा बारिश’ का पूवार्नुमान है।

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से और बढ़ेगी मुसीबत

इस हफ्ते बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से तेलंगाना और दक्षिण भारत के दूसरे हिस्सों में असामान्य बारिश हो रही है। महाराष्ट्र के पुणे में तो बारिश ने भारी तबाही मचाई है। अब बारिश का रुख पूर्वी भारत खासकर बिहार की तरफ शिफ्ट हो गया है। 29 सितंबर तक बिहार में भारी बारिश देखने को मिल सकती है और उसके बाद बारी पूर्वोत्तर की होगी।

1, 2 अक्टूबर को एमपी, दिल्ली, हरियाणा में बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के प्रमुख महापात्र के मुताबिक 29 सितंबर के बाद बारिश का रुख पूर्वोत्तर की तरफ हो सकता है खासकर मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा में भारी बारिश हो सकती है। उन्होंने बताया कि 1 और 2 अक्टूबर को उत्तरी मध्य प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में भी कुछ बारिश हो सकती है।

पुणे में भारी बारिश से बाढ़, 17 की मौत

महाराष्ट्र के पुणे जिले के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ आने और दीवार गिरने की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई। जिला प्रशासन ने शुक्रवार को शहर के स्कूलों के साथ-साथ हवेली, भोर, पुरंदर और बारामती तहसीलों में अवकाश घोषित कर दिया।

जिला के अधिकारियों ने कहा कि जेजुरी के पास करहा नदी पर बने नजारे बांध से पानी छोड़े जाने के बाद बारामती तहसील में लगभग 2,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया किया गया। पुलिस ने बताया कि पुणे शहर और जिले के निचले इलाकों में बाढ़ के कारण लगभग 3,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।

हैदराबाद में जनजीवन अस्त-व्यस्त, 3 की मौत

पिछले दो दिनों के दौरान हैदराबाद और तेलंगाना के अन्य हिस्सों में भारी बारिश से सामान्य जनजीव अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश से जुड़ी अलग-अलग दुर्घटनाओं में एक बुजुर्ग महिला समेत 3 लोगों की मौत हो चुकी है।

मंगलवार की रात में नागोल में भारी बारिश के दौरान सड़क पार करते हुए 43 साल का एक व्यक्ति अपने रिश्तेदार के साथ एक खुले ड्रेन में गिर गया। इसके अलावा, बारिश से जुड़े अन्य हादसों में 2 अन्य लोगों की मौत हो गई।

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना

इस हफ्ते बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से तेलंगाना और दक्षिण भारत के दूसरे हिस्सों में असामान्य बारिश हो रही है। महाराष्ट्र के पुणे में तो बारिश ने भारी तबाही मचाई है।

अब बारिश का रुख पूर्वी भारत खासकर बिहार की तरफ शिफ्ट हो गया है। 29 सितंबर तक बिहार में भारी बारिश देखने को मिल सकती है और उसके बाद बारी पूर्वोत्तर की होगी।

लखनऊ में बिजली गुल, 7000 से ज्यादा शिकायतें

भारी बारिश की वजह से आम लोगों की बिजली किल्लत का भी सामना करना पड़ा। उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को बिजली कटने से परेशान लोग पूरे दिन 1912 पर कॉल करते रहे।

आशियाना सेक्टर एल और के भी पूरे दिन बिजली की आवाजाही लगी रही। साथ ही अर्जुन गंज, सिजी सिटी, अंसल, ओमेक्स, राजभवन डिवीजन, विभूति खंड, ग्वारी कलवट, विश्वास खंड, मंत्री आवास, विराज खंड, लोहिया हॉस्पिटल, हाई कोर्ट, एचएएल, गोसाईंगंज, आवास विकास उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में आपूर्ति बाधित रही।

कर्मचारियों के अनुसार गुरुवार को 7000 से ज्यादा शिकायतें राजधानी लखनऊ से ही दर्ज करवाई गईं। आसपास के इलाकों को मिलाकर करीब 10 हजार से ज्यादा फोन रिसीव किए गए। आम दिनों में यह संख्या चार से पांच हजार होती है।

उत्तराखंड : आज भारी बारिश का अलर्ट

देहरादून में शुक्रवार तड़के हुई बारिश ने लोगों का जीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। बारिश के कारण कई कॉलोनियों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।

सबसे ज्यादा नुकसान क्लेमेंटटाऊन क्षेत्र में हुआ है। वहां लोगों के घर में पानी इस कदर घुसा कि सारा सामान तक खराब हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, आशारोड़ी क्षेत्र में बादल फटने की भी सूचना है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि साल 2013 के बाद इस क्षेत्र में पहली बार इस तरह के हालात पैदा हुए हैं।

मौसम विभाग ने प्रदेश के आठ जिलों में शनिवार को भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। साथ ही भूस्खलन और आकस्मिक बाढ़ का अंदेशा जताते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश भी जारी किए हैं।

मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, आज प्रदेश के नैनीताल, पौड़ी, चमोली व पिथौरागढ़ के कई इलाकों में बारिश होने के आसार हैं। वहीं, शनिवार 28 सितंबर को रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

इसके अलावा देहरादून, टिहरी, पौड़ी और नैनीताल के क्षेत्रों में भी भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार भारी से बहुत भारी बारिश से पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में एकाएक बाढ़ आ सकती है। इसको लेकर स्थानीय लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है। साथ ही प्रशासन को एहतियाती सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए हैं।

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