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बाल सुधार गृह से पांच बाल बंदी फरार

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21.05.2019

कानपुर : नौबस्ता थाना क्षेत्र में स्थित बाल सुधार गृह से पांच बाल बंदी भाग निकले। इसकी जानकारी उस वक्त हुई जब बाल बंदियों की गिनती की गई। पांच बाल बंदी कम होने की जानकारी पर केयरटेकर समेत प्रबंधन के होश उड़ गये। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फरार बाल बंदियों की तलाश शुरु कर दी है।

नौबस्ता के बौद्ध नगर इलाके में बाल सुधार गृह है। सोमवार को रोजना की तरह केयरटेकर पहुंचा और बाल बंदियों की गिनती करने लगा। गिनती में पांच बाल बंदी कम होने पर वह घबरा गया। आनन-फानन केयरटेकर ने प्रबंधन को जानकारी देते हुए उनकी खोजबीन में जुट गया। उसने देखा कि सुधार गृह की दूसरी मंजिल की लोहे की खिड़की से दो ग्रिल कटी है। इसके बाद पांचों खिड़की से कपड़े बांधकर छज्जे तक पहुंचे और फिर वहां से पेड़ के सहारे उतरकर भाग निकले हैं।

पांच बाल बंदियों के भागने की जानकारी पर हड़कम्प मच गया। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर नौबस्ता समर बहादुर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और छानबीन की। बाल सुधार गृह केयरटेकर व प्रबंधन की जमकर फटकार लगाई। इस बीच जांच में पता चला कि बाल बंदियों ने लोहे की ग्रिल काटने की लिए आरी का इस्तेमाल किया है। लेकिन उन्हें आरी कैसे मिली यह बड़ा जांच का विषय बन गया है।

बाल सुधार गृह से भागे बाल बंदियों में एक फतेहपुर, एक बिहार के अलावा तीन कानपुर जनपद के नवाबगंज, कोहना व सचेंडी थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। इनमें तीन बाल बंदी चोरी, एक बंदी किशोरी को भगाने व पांचवा मारपीट के मामले में बाल सुधार गृह लाये गये थे।

बाल बंदियों के भागने के मामले को आलाधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। इसको लेकर जिम्मेदारों की लापरवाही को देखते हुए गाज भी गिर सकती है। लेकिन फिलहाल फरार पांच बाल बंदियों को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें लगा दी गई हैं।

इंस्पेक्टर नौबस्ता समर बहादुर ने बताया कि ग्रिल काटने के लिए आरी कहां से व कैसे बाल बंदियों तक पहुंची, इसको लेकर गहनता से जांच की जा रही है।
कर्मचारियों की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

बाल सुधार गृह से भागे पांच बाल बंदियों के मामले में अब कर्मचारियों की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है। यहां पर जब पूछताछ के लिए पुलिस अन्य बाल बंदियों से की तो कोई भी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हुआ। हालांकि इस बीच पुलिस के सामने कर्मचारियों द्वारा बाल बंदियों से दुर्व्यवहार व मारपीट बात पता चली है। इसके साथ ही तीन दिन पूर्व बाल बंदियों के गुटों में जमकर हुई मारपीट का मामला भी प्रकाश में आया है। कर्मचारियों की इस तरह की कार्यशैली से भी कई बाल बंदी परेशान चल रहे हैं। इन सभी बिन्दुओं को देखते हुए बाल सुधार गृह के कर्मचारियों की भूमिका को जांच के दायरे में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक जांच में कर्मचारियों की कार्यशैली में खामियां मिलने पर उन पर भी कार्यवाही होगी।

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