Tue. Sep 29th, 2020

मुख्यमंत्री आवास घेरने जा रहे सहायक पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज

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रांची : राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों के ढाई हजार सहायक पुलिसकर्मी सोमवार को तीसरे दिन सीएम आवास को घेराव करने पहुंचे। हालांकि उन्हें राजभवन और सीएम आवास के पहले ही बैरिकेडिंग कर जिला पुलिस के जवानों ने रोक दिया।

मौके पर सिटी एसपी सौरभ, सिटी डीएसपी अमित सिंह और लालपुर थाना प्रभारी अरविंद सिंह ने उन्हें समझाया लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद रांची के एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने आंदोलनकारी सहायक पुलिस कर्मियों की बातचीत की। बातचीत में आश्वासन मिलने के बाद सहायक पुलिस कर्मी वापस मोरहाबादी मैदान लौट गए। आश्वासन के बाद मोरहाबादी लौट रही कुछ सहायक महिला पुलिसकर्मी आक्रोशित हो गयी।

मौके पर उन्होंने कहा कि हम दो दिनों से मोराबादी मैदान में रह रहे हमारे पास ना रहने का छत है, और ना खाने को खाना ।पानी भी खरीदकर पीना पड़ रहा है। बच्चों को खरीद कर दूध पिलाने में भी कठिनाई हो रही है। लेकिन हमारी कोई सुनने वाला नहीं है। हालांकि बाद में साथी महिला पुलिसकर्मियों ने समझाया। इसके बाद वह मोरहाबादी मैदान की ओर लौट गए। घेराव करने को लेकर देर शाम 20 सहायक पुलिस कर्मियों पर नामजद और 1000 अज्ञात सहायक पुलिस कर्मियों का लालपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें कोविद- 19 का उल्लंघन करने, धारा 144 का उल्लंघन करने सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। फिलहाल सहायक पुलिसकर्मी मोराबादी मैदान में डटे हुए हैं।

उल्लेखनीय है कि बीते शनिवार को सहायक पुलिस कर्मियों का एक प्रतिनिधिमंडल डीआईजी अखिलेश झा तथा एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा से मिला था। प्रतिनिधिमंडल और अधिकारियों के बीच वार्ता विफल हो गई थी। इसके बाद सहायक पुलिस कर्मियों ने मोरहाबादी मैदान में आंदोलन पर बैठ गए थे । रविवार को भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी सहायक पुलिस कर्मियों से जाकर मिले थे और उन्हें आश्वासन दिया था कि वह उनकी मांगों को विधानसभा सत्र में उठाएंगे और उनकी मांगों को जायज बताया था।

स्थायीकरण की मांग को लेकर 7 सितंबर से सहायक पुलिस कर्मी हड़ताल पर चल रहे हैं। 2017 में राज्य के 12 नक्सल प्रभावित जिलों में 25 सहायक पुलिस कर्मियों की 10000 रुपये मानदेय पर नियुक्ति की गई थी। सहायक पुलिस कर्मियों का कहना है कि नियुक्ति के समय में बताया गया था कि 3 साल बाद उनकी सेवा स्थाई हो जाएगी। लेकिन 3 वर्ष पूरा होने के बाद भी किसी का स्थायीकरण नहीं हुआ है। इसी मांग को लेकर सहायक पुलिस कर्मी मोराबादी मैदान में जमे हुए हैं।

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