Wed. Apr 1st, 2020

दुनिया को कृषि उत्पादों का बाजार बनाने पर बदल सकती है किसानों की तकदीर : ओम बिरला – कृषि के विविध आयामों पर कार्य करने की जरूरत

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लखनऊ : लोक सभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने शुक्रवार को प्रगतिशील कृषक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि सबसे ज्यादा श्रम और मानव संसाधन कृषि में लगता है। आज आवश्यकता है कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक माध्यमों का उपयोग किया जाय। उन्होंने कृषि के विविध फसलों और कार्यो पर बल देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में बहुआयामी कार्य के माध्यम से आगे बढ़ना होगा।

उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग की ओर से शुक्रवार को लोकभवन स्थित सभागार में आयोजित इस सम्मेलन में वह बतौर मुख्य अतिथि शरीक हुए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसान अपने उत्पादन को मूल्य संवर्द्धित बनायें। उत्पादों की पैकेंजिंग पर बल देंं। दुनिया को कृषि उत्पादों का बाजार बनाने पर किसानों की तकदीर बदल सकती है।

उससे किसानों की आय भी बढ़ेगी और राज्य की तरक्की भी होगी। यूपी का गन्ना किसान परेशान था। चीनी मिलें बन्द हो रही थीं। इस दिशा में योगी सरकार ने भरपूर कार्य किया है। आज गन्ना किसानों को समय से भुगतान भी हो रहा है और चीनी मिलें बन्द होने की बजाय नई मिलें खुल रही हैं। योगी के नेतृत्व में कृषि उत्पाद और आय भी बढ़ी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन्होंने इस राज्य का तस्वीर और तकदीर बदलने का काम किया है।

यह देश और दुनिया का सबसे बड़ा राज्य है। योगी सरकार ने कानून का राज, विकास का राज और किसानों की जिंदगी बेहतर करने का काम किया है। अक्सर देश के संसद में बुन्देलखण्ड में पानी को लेकर सवाल होते थे लेकिन उस क्षेत्र विशेष में पानी कैसे पहुंच सकता है, इसके लिए योगी सरकार निरन्तर प्रयास कर रही है। यूपी की जमीन उपजाऊ और जल संसाधन पर्याप्त है। इसके बावजूद प्राकृतिक आपदा और कई प्रकार के संकटों से किसानों को काफी नुकसान पहुंचता है, ऐसे में कृषि क्षेत्र के कार्यो में बदलाव करना होगा। यहां के किसानों को मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग समेत अन्य क्षेत्रों में कदम बढ़ाना होगा।

उन्होंने कहा कि हम 75 जिला केन्द्रों पर कृषि विज्ञान केन्द्र शुरू करने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। इन केन्द्रों को प्रदेश की चार कृषि विश्वविद्यालयों से जोड़ा भी जा रहा है। यूपी में 352 कृषक उत्पादक संगठन हैं। पहले चरण में 823 विकास खण्डों, दूसरे चरण में 08 हजार न्याय पंचायतों तथा तीसरे चरण में 60 हजार ग्राम पंचायतों में कृषक उत्पादक संगठन बनाया जायेगा। ये खेती को लाभकारी दिशा में आगे बढ़ाने में मददगार साबित होंगे। यूपी किसानों की धरती है, उनके जरिये इस धरती पर सोना उगलने का कार्य होगा।

कृषि दर 11.50 से ऊपर जा रहा है : शाही

इसके पूर्व कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि आज उत्तर प्रदेश का अन्नदाता 17.50 प्रतिशत की आबादी का पेट भर रहा है। खाद्यान्न क्षेत्र में यूपी नम्बर-1 की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हम प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़े रहे हैं। यूपी के किसानों का 2022 तक आय दोगनी हो, इस दिशा में योगी सरकार आगे बढ़ रही है। उप्र की कृषि दर 11.50 से भी ऊपर जा रहा है। कहा कि हम उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को ताकत दे रहे हैं।

50 नये कृषि विज्ञान केन्द्रों का हुआ शिलान्यास

इसके पूर्व मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, गन्ना मंत्री सुरेश राणा, कृषि राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत समेत अन्य अतिथियों ने एक कृषि कल्याण केन्द्र तथा 50 नये कृषि विज्ञान केन्द्रों का शिलान्यास किया गया। इसके अतिरिक्त ‘दृष्टि’ योजना के अन्तर्गत 11 चयनित एफपीओ को स्वीकृति पत्र एवं डमी चेक का वितरण किया गया। साथ ही फार्म मशीनरी बैंक एवं कस्टम हायरिंग सेंटर के 08 लाभार्थियों को ट्रैक्टर की चाभी एवं कृषि यंत्रों का भी प्रतीक चिह्न के रूप में वितरण किया गया।

किसानों को उपज का उचित मूल्य मिले

बिड़ला ने कहा कि हर सरकार का दायित्व होता है कि नई सोच के साथ प्रदेश की जनता की तरक्की करे और उन्हें खुशहाल रखे। यह राज्य कृषि प्रधान है, किसानों को उपज का उचित मूल्य मिले, उत्पादन को बढ़ाया जाय, कृषि बहुआयामी दिशा में आगे बढ़े। सरकार का यही दायित्व है और योगी सरकार सही दिशा में कार्य कर रही है।

अब किसानों से सीधे क्रय करने की है व्यवस्था : योगी

सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती अत्यन्त उर्वरा है। पिछली सरकारों में किसानों की हालात बदहाल थी, वे पलायन करने को मजबूर थे, आत्महत्या करने को विवश थे। लेकिन मार्च, 2017 सरकार में आते ही किसान ऋण मोचन योजना के तहत मध्यम और छोटे किसानों एक लाख तक की राशि माफ कर आर्थिक सम्बल प्रदान किया।

उन्होंने कहा कि किसानों की लागत कम हो और उत्पादकता बढ़ें, हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अब उप्र में किसानों से सीधे क्रय करने की व्यवस्था है। सिंचाई की परियोजनाओं में तेजी से कार्य चल रहा है। किसानों को तकनीकी, बीज, खाद्य और बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।

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