Fri. Oct 30th, 2020

चुनाव से पहले राजद ने बिहार के मतदाताओं के लिये खोला पिटारा, तेजस्वी यादव ने कहा- कैबिनेट की पहली बैठक में देंगे 10 लाख नौकरी

50 हजार पुलिसकर्मियों, 1.25 लाख डॉक्टर, 2.5 लाख शिक्षक व 76 हजार कनीय अभियंताओं की होगी बहाली

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा के ठीक दो दिन बाद ही राजद ने अपने चुनावी वादों का पिटारा खोल दिया है। रविवार को पटना में राजद दफ्तर में तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारी सरकार बनी तो कैबिनेट की पहली बैठक में 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का फैसला लिया जाएगा। सूबे में 50 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती होगी। मुख्यमंत्री बनने के बाद पहला हस्ताक्षर कैबिनेट के इसी फैसले पर होगा ।

तेजस्वी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बिहार युवाओं का राज्य है। यहां 60 फीसदी युवा हैं, लेकिन युवाओं का सबसे ज्यादा पलायन यहीं से होता है। यहां 46.6 फीसदी बेरोजगारी है। पिछले दिनों हमारे बेरोजगारी पोर्टल पर 9 लाख, 47 हजार, 924 युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। कुल 13 लाख, 11 हजार, 626 मिस्ड कॉल भी आए हैं। यहां हर बिहारी पर 47 लाख रुपए का कर्ज है। तेजस्वी ने कहा कि हम सरकारी और स्थाई नौकरी देंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा तय मानक है कि 1 हजार लोगों पर एक डॉक्टर हो। इस हिसाब से बिहार में एक लाख, 25 हजार डॉक्टरों की बहाली करेंगे। उतने ही सपोर्ट स्टाफ भी भर्ती करेंगे। 50 हजार पुलिसकर्मियों के पद रिक्त हैं। बिहार में प्रति एक लाख लोगों पर 77 पुलिसकर्मी हैं। राज्य में अभी 77 हजार पुलिसकर्मी ही कार्यरत हैं। इस हिसाब से अभी एक लाख, 72 हजार पुलिसकर्मियों की जरूरत है।

शिक्षकों के 2.5 लाख पद हैं खाली

शिक्षकों की बात करें तो यहां 2.5 लाख पद रिक्त हैं। कॉलेजों में शिक्षकों के 50 हजार पद रिक्त हैं। जूनियर इंजीनियर के 76 हजार पद खाली हैं। सपोर्टिंग स्टाफ भी 2 लाख चाहिए। इस तरह इन सबों को मिलाकर लगभग दस लाख पद रिक्त हैं। सरकार बनते ही हम इन रिक्त पदों को मात्र दो महीने में भर देंगे। तेजस्वी ने बिहार में निवेश के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनी तो यहां निवेश ज्यादा आएगा। मैं जल्द ही इसका ब्लू प्रिंट पेश करूंगा। उन्होंने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 15 साल काम करने वालों ने यहां क्या किया? आज पूरा बिहार बेरोजगारी का दंश झेल रहा है। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री पद की ही चोरी हो गई थी। सीएम बिक गए थे। हमने डोमिसाइल की मांग सरकार में रहकर की थी, लेकिन नीतीश नहीं माने।

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