Sun. Jul 5th, 2020

डीवीसी कमांड एरिया में आज से लोडशेडिंग संभव

बिजली कटौती के अल्टीमेटम का आखिरी दिन समाप्त

5670 करोड़ रुपए बकाया है डीवीसी का बिजली निगम पर

रांची : डीवीसी के बिजली कटौती के अल्टीमेटम का 30 जून को अंतिम दिन है। डीवीसी ने बिजली निगम को पूर्व सूचना दे दिया है कि अगर बिजली निगम 5670 करोड़ का बकाया भुगतान नहीं करता तो एक जुलाई से बिजली कटौती करेगा।

मालूम हो कि डीवीसी अपने कमांड एरिया के सात जिलों में बिजली आपूर्ति करता है, जिसका भुगतान बिजली निगम करती है। डीवीसी धनबाद, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, देवघर, गिरिडीह, कोडरमा, हजारीबाग और चतरा में 700 मेगवाट बिजली की आपूर्ति करता है।
इधर, झारखंड बिजली वितरण निगम ने स्पष्ट किया है कि डीवीसी को फिलहाल बकाया भुगतान करने की स्थिति में नहीं है, क्योंकि लॉक डाऊन में राजस्व उगाही की स्थिति अच्छी नहीं रही।

निगम के कार्यकारी निदेशक के के वर्मा ने बताया कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय कोरोना ने बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की स्थिति को देखते हुए ही 90 हजार करोड़ के पैकेज की घोषणा की है। उसके तहत झारखंड ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय से 5 हजार करोड़ की मांग की है। यह पैसा डीवीसी, एनटीपीसी सहित अन्य बकायदारों को भुगतान किया जायेगा।

अगर डीवीसी को बहुत अधिक दिक्कत है तो वह सीधे तौर पर केंद्रीय उर्जा मंत्रालय से बतौर लोन पैसा ले सकता है। वर्मा ने बताया कि डीवीसी प्रबंधन से लगातार निगम की बात हो रही है। इस आशय का पत्र डीवीसी प्रबंधन को भेजा जा रहा है।

क्या है यह मामला

दामोदर घाटी निगम ने जेबीवीएनएल पर अपना 5670 करोड़ रुपए का बकाया बिजली बिल वसूलने के लिए दबाव बढ़ा दिया है। बकाया बिजली बिल नहीं देने पर कल बुधवार एक जुलाई से डीवीसी ने फिर से बिजली कटौती करने की चेतावनी दी है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को 30 जून तक डीवीसी ने बकाया भुगतान करने को कहा है।

भुगतान नहीं होने पर जुलाई महीने से बिजली में भारी कटौती की जायेगी। यह कटौती 18 घंटे तक हो सकती है। अगर ऐसा हुआ तो एक जुलाई से डीवीसी के कमांड क्षेत्र में आने वाले धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, कोडरमा, हजारीबाग और चतरा जिले में अंधेरा कायम हो जाएगा। झारखंड सरकार और डीवीसी के बीच लंबे समय से बिजली के बिल को लेकर विवाद चला आ रहा है। झारखंड सरकार डीवीसी से बिजली खरीद कर कई जिलों के उपभोक्ताओं को बिजली देती है।

फरवरी महीने के अंत में 4995 करोड़ रुपए डीवीसी का बकाया था। जिसको वसूलने के लिए डीवीसी ने बिजली कटौती की थी। तब बिजली को लेकर इन जिले के लोग त्राहिमाम कर रहे थे। 18 से 20 घंटे तक बिजली कटौती की जा रही थी। जिसके बाद झारखंड सरकार ने 400 करोड़ रुपए डीवीसी को भुगतान किया और 14 मार्च को लिखित समझौते के बाद डीवीसी ने बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी थी।

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