May 11, 2021

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डीके पांडेय मई में हो रहे रिटायर, अब नया डीजीपी कौन!

चुनाव के दौरान किसके हाथों होगी पुलिस की कमान
चण्डी दत्त झा 27.02.2019

रांची : दो महीने में लोकसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में झारखंड में पुलिस की कमान को लेकर एक उहापोह की स्थिति है। झारखंड के चर्चित एवं वर्तमान पुलिस महानिदेशक डीके पांडेय मई में सेवानिवृत्त भी होने वाले हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और कार्यपालक नियमावली के अनुसार दो साल से ज्यादा एक जगह पर पदस्थापना संभव नहीं है। डीके पांडेय डीजीपी के पद पर वर्ष 2015 में नियुक्त हुए थे। जो मई में सेवानिवृत्त होने वाले हैं, वहीं एक मार्च से आचार संहिता लागू होने की संभावना भी है। लोकसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग के निर्देश पर कई पुलिस अधिकारियों को तबादला किया गया, जो एक जगह पर समय से अधिक जमे थे या अपने गृह जिला में तैनात थे। इस हिसाब से भी डीजीपी का पद पे रहना मुश्किल दिख रहा है। नये डीजीपी की भी अटकलें भी लगने लगीं हैं। झारखंड में डीजीपी के रेस में दो आइपीएस अधिकारी एसीबी के डीजी नीरज सिन्हा व झारखंड कैडर के बीएसएफ के डीजी केएन चौबे के नाम का चर्चा चल रहा है। बताया जा रहा है कि नये डीजीपी की रेस में नीरज सिन्हा आगे हैं।

वहीं, वर्ष 1996 में पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह ने पुलिस सुधार से जुड़ी सिफारिशों को लागू करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने पुलिस के राजनीतिक और बेजा इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाया था। 2006 में प्रकाश सिंह की याचिका पर फैसला आया और न्यायालय ने पुलिस सुधार को लेकर गाइडलाइंस देते हुए सभी राज्यों में उसे लागू करने आदेश दिया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लागू करने की बजाय कुछ राज्य ने इसकी समीक्षा के लिए याचिका दायर कर दी। 21 जुलाई 2009 को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में सहयोग नहीं कर रही है। पुलिस सुधार की सिफारिश को लेकर मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया। 2010 को सुप्रीम कोर्ट ने कई राज्यों को राष्ट्रीय पुलिस आयोग की सिफारिश को अनुपालन नहीं करने को लेकर नोटिस तक भेजा।

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