May 11, 2021

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विस्थापित कश्मीरी पंडितों ने अनुच्छेद 370 को हटाने के फैसले का किया स्वागत

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नई दिल्ली : केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को समाप्त किए जाने के निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया में खुशी जाहिर करते हुए विस्थापित कश्मीरी पंडितों ने घाटी में बदलाव की इस नई बयार का तहे दिल से स्वागत किया। साथ ही उन्होंने धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले क्षेत्र में विकास की एक नई सुबह की उम्मीद भी जताई।

विस्थापित कश्मीरी पंडित राजेश प्रोथी ने हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि लोगों में यह धारणा बन चुकी थी कि अनुच्छेद 370 का हटना असंभव है। मोदी सरकार ने आज उस मिथक को तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के हटने से जम्मू-कश्मीर को मिलने वाला विशेष दर्जा समाप्त हो जाएगा। इससे केंद्र सरकार की जनहितायपरक योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ घाटी के युवाओं को सीधा मिल सकेगा जिससे वह अब तक वंचित रहे थे।

राजेश प्रोथी ने कहा कि इस अनुच्छेद के हटने से घाटी में न सिर्फ आधारभूत संरचना का विकास होगा अपितु रोजगार के भी अवसर बढ़ेंगे, जैसा कि गृहमंत्री अमित शाह ने सदन में सभी सदस्यों के साथ-साथ समस्त देशवासियों को आश्वस्त किया। यदि केंद्र से मिलने वाली आर्थिक सहायता का 40 प्रतिशत भी राज्य में पहुंचता है तो इससे न केवल घाटी में आर्थिक विकास को गति मिलेगी बल्कि इससे सर्वांगीण विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा और बहुत हद तक भ्रष्टाचार पर नकेल कसने में भी मदद मिलेगी।

एक अन्य विस्थापित कश्मीरी पंडित तरुण मल्होत्रा ने कहा कि आज कश्मीरी पंडित बहुत खुश हैं। केंद्र में सत्तारूढ़ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सशक्त सरकार की बदौलत 70 सालों के बाद यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि अब जम्मू-कश्मीर में कारोबार में वृद्धि के साथ-साथ निवेश, पर्यटन, शिक्षा, जन स्वास्थ्य से जुड़ी चिकित्सा सुविधा भी आम जनमानस को सहज सुलभ हो पाएगी। चूंकि यहां की शासन व्यवस्था अब सीधे केंद्र के अधीन होगी अतएव इससे लोगों में कानून का भय आएगा और अपराध में भी कमी आएगी।

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