रांची

एचईसी के विकास व रांची में जोनल कार्यालय खोलने की मांग

तीन सांसदों संजय सेठ, अन्नपूर्णा देवी व विद्युतवरण महतो ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की

10.07.2019

रांची : रांची के सांसद संजय सेठ ने मंगलवार को दिल्ली में एचईसी एवं रेलवे की समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की, संजय सेठ के साथ कोडरम के सांसद अन्नपूर्णा देवी दुमका के सांसद सुनील सोरेन जमशेदपुर के सांसद विद्युतवरण महतो शामिल थे। रांची के सांसद संजय सेठ ने कहा हैवी इंजीनियरिंग कारपोरेशन लिमिटेड (एचईसी) जिसकी स्थापना एक केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रम के रूप में सन् 1958 में की गई थी।

यह प्रतिष्ठान मूलत: इस्पात उद्योग के निर्माण हेतु स्थापित हुआ था जसमें सभी उत्पादन संबंधित सुविधाएं जैसे कि कॉस्टिग, फोजिग, फैब्रिकेशन, मशीनिग, एसेम्बली एवं इरेक्शन व कमीशनिग का कार्य एक ही स्थान रांची के एचईसी में स्थापित किए गए।

एचईसी आरंभ से ही देश के औद्योगिक विकास में अह्म भुमिका निभाते हुए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है एवं आयात के विकल्प हेतु अनेक उत्पादों का निर्माण कर देश की विदेशी मुद्रा भंडार में बचत की है। एचईसी के उत्पादन ने भारतवर्ष में उद्योगों के विकास ही नहीं सम्पूर्ण विश्व में एक अलग पहचान बनाई है।

इसके अलावा सागरिक महत्व के क्षेत्र में इस उद्योग का योगदान चन्द्रयान, नाभिकीय पन-डुब्बियों के महत्वपूर्ण कल-पुरजे, रक्षा क्षेत्र के जहाजों हेतु प्रोपलर्स साफ्ट्स, गन-बैरल, टी-72 टैंक के कल-पूरजे, माउंटेन गन, रेलवे के क्षेत्र में क्रंक-शाफ्ट, मशीन टुल्स इत्यादि एवं परियोजना प्रभाग द्वारा स्थापित किए गए है।

सामग्री संचालन प्लाट, कोल-वॉशरी, कोल हैडलिग प्लांटों का निर्माण बखुबी से कर देश के औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभाई है। यह देश में एकमात्र संस्थान है, जहां परमाणु एवं नाभिकीय क्षेत्रों के उपकरणों का निर्माण किया जा रहा है। हाल ही में निति आयोग द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय समिति ने एचईसी के पुनरूद्धार एवं आधुनिकरण हेतु एक तकनीकी रिपोर्ट भारत सरकार के समक्ष रखा गया है।

एचईसी के पास ऐसी विलक्षण क्षमताएं हैं, जिसके द्वारा मुख्य उद्योगों के साथ-साथ सामरिक महत्व के क्षेत्र जैसे खन्न, स्टील, रक्षा, परमाणु, ऊर्जा, रेलवे अंतरिक्ष अनुसंधान इत्यादि के विकास में अह्म भूमिका निभा सकता है। जहां तक मुझे अवगत कराया गया है कि एचईसी द्वारा परमाणु उर्जा के लिए सम्बन्धित उत्पादकों का निर्माण एवं भविष्य में इसके योगदान की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए परमाणु ऊर्जा विभाग से परमाणु ऊर्जा विभाग में स्थानांतरित करने के परामर्श पर सकारात्मक दिशा-निर्देश देने की कृपा करें।

सांसद संजय सेठ ने संबंधित मामला उठाते हुए रांची में रेलवे का जोनल कार्यालय बनाने की मांग रखी, उन्होंने कहा की झारखंड से रेलवे को प्रति वर्ष 25 हजार करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त होता है। वर्तमान में दक्षिण पूर्व रेलवे के जोनल कार्यालय को कोलकाता से स्थानांतरित कर रांची लाया जाय अथवा पूर्व मध्य रेलवे जोन के अन्तर्गत पड़ने वाले धनबाद रेल मंडल को रांची से जोड़कर रांची में एक नया रेलवे जोन का सृजन किया जाय।

रांची में जोनल कार्यालय की स्थापना से झारखंड की जनता को इसकी प्रचूर खनिज सम्पदा का लाभ मिल सकेगा और इस राज्य का तेजी से विकास संभव हो सकता है, साथ ही साथ झारखंड में नए रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर पर तीव्र गति से कार्य प्रारंभ होगा एवं वहां पर रोजगार की संभावनाएं पैदा होगी। झारखंड से सटे राज्यों छत्तीसगढ़ और ओड़िशा में रेलवे के जोनल ऑफिस खोले गए है। जिससे वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन सभी मुद्दों पर गम्भीरता पूर्वक सुना और उन्होंने आश्वस्त किया एचईसी और रेलवे की जो भी समस्याएं है, उसका जल्द से जल्द समाधान किया जायेगा।