Thu. Aug 13th, 2020

उपायुक्त ने किया 1950 कॉल सेन्टर का निरीक्षण, दिये कई निर्देश

रांची : रांची के उपायुक्त छवि रंजन ने शनिवार को जिला टोल फ्री नम्बर 1950 सेंटर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के लिए पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले शिफ्ट में कार्यरत कर्मियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति का जायजा लिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने कॉल सेंटर से प्रतिदिन किए जा रहे कॉल एवं उनके दैनिक प्रतिवेदन की जांच की।

कॉल सेंटर के वरीय पदाधिकारी आदित्य रंजन ने उपायुक्त को कॉल सेंटर द्वारा फॉलो किये जा रहे एसओपी की विस्तार से जानकारी देते हुए पूरी प्रक्रिया सहित किसी कोविड 19 संक्रमित व्यक्ति के अस्पताल में दाखिल होने तक की प्रक्रिया के संबंध में पूरी जानकारी दी।

उपायुक्त रांची छवि रंजन ने निदेश दिया कि, “कॉल सेंटर द्वारा किये जा रहे कार्यों का दैनिक प्रतिवेदन प्रतिदिन मुझे मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि, अगर किसी कोविड संक्रमित मरीज को ट्रेस करने में किसी तरह की समस्या आ रही हो तो इसकी जानकारी तुरंत ही मेरे पास पहुंचनी चाहिए। किसी भी तरह की मामूली लगने वाली चूक भी हमारे लिए सिर दर्द बन सकती है। बेहतर हो कि हम सभी अपना काम पूरी ईमानदारी से करें।”

आदित्य रंजन ने उपायुक्त को बताया कि सरकार एवं आईसीएमआर द्वारा दी गई गाइड लाइन का अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। आईडीएसपी से डेटा प्राप्त होने के 6 घन्टे के अंदर कोविड संक्रमित पाए गए मरीज के पास के थाना का विवरण प्राप्त कर इसे इंसिडेंट कमांडर सेल एवं एम्बुलेंस सेल को उपलब्ध करा दिया जाता है ताकि संक्रमित मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल में भर्ती किया जा सके।

इसके अतिरिक्त ऐसे व्यक्ति जिनके द्वारा होम आइसोलेशन की रिक्वेस्ट की गई हो, वैसे संक्रमित व्यक्तियों के लिए संबंधित इंसिडेंट कमांडर के जरिये मेडिकल जांच के बाद सेल्फ डिक्लेरेशन का फॉर्म प्राप्त कर लिया जाता है। साथ ही होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों के लिए एक डेडिकेटेड कॉलर टीम बनाई गई है। जो होम आइसोलेशन में रह रहे संक्रमित मरीजों से उनकी स्थिति का रिपोर्ट प्राप्त करती है।

इसके अतिरिक्त बाहर से यात्रा कर रांची आने वाले वैसे लोग जिन्हें होम क्वारंटाइन में रहने का दिशा निर्देश दिया गया है, उन्हें कॉल कर उनकी रियल टाइम पोजीशन की पूछ ताछ की जाती है। सरकारी दिशा निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पाए जाने वाले लोगों की रिपोर्ट संबंधित थाना को दी जाती है, साथ ही कार्रवाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है।

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