Thu. Aug 13th, 2020

रक्षा मंत्रालय अपनी जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाने में खुद सक्षम: हाईकोर्ट

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नई दिल्ली : उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मजलिस पार्क स्टेशन के पास रक्षा मंत्रालय के खाली पड़ी जमीन के बड़े हिस्से पर बसे झुग्गियों के अतिक्रमण को हटाने की मांग करने वाली याचिका दिल्ली हाईकोर्ट से वापस ले ली गई है।

चीफ जस्टिस डीएन पटेल की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिकाकर्ता से कहा कि रक्षा मंत्रालय बहुत बड़ा संगठन है और वो इस शिकायत को देखेगा। इस मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता और वकील अभिषेक शर्मा ने अतिक्रमण की सीबीआई जांच की मांग की। कोर्ट ने कहा कि रक्षा मंत्रालय बहुत बड़ा संगठन है और वो अपनी भूमि पर से अतिक्रमण हटाने में सक्षम है। तब याचिकाकर्ता ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

यह याचिका वकील अभिषेक शर्मा ने दायर की थी। याचिका में भूमि पर अतिक्रमण की सीबीआई जांच की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया था कि इन झुग्गियों में रहनेवाले लोग पाकिस्तानी हैं। ये लोग भारत में शरण लेना चाहते हैं। यहां कुछ लोग झुग्गियों को खरीदकर विस्तार कर रहे हैं। उनके इस काम में स्थानीय निगम पार्षदों और कुछ विधायकों की भी मिलीभगत है। याचिका में पूरे मामले की जांच कर झुग्गियों में रहनेवालों की लिस्ट बनाकर उनमें विदेशी नागरिकों की पहचान करने की मांग की गई थी।

याचिका में मांग की गई थी कि इन झुग्गियों के विस्तार के पीछे जिम्मेदार अफसरों की सीबीआई जांच की जानी चाहिए और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। इस स्थान पर 2017 के मध्य से कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर पक्कानुमा ढांचा खड़ा कर लिया है। इन झुग्गियों का लगातार विस्तार हो रहा है। यहां तक कि कोरोना के संकट में भी निर्माण कार्य चल रहा है। इससे सार्वजनिक भूमि का अतिक्रमण तो हो ही रहा है इससे जनता के ऊपर टैक्स का बोझ भी बढ़ रहा है।

याचिकाकर्ता ने इसकी शिकायत रक्षा मंत्रालय, दिल्ली सरकार औऱ नगर निगम से की थी। रक्षा मंत्रालय ने इस भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रक्रिया भी शुरू की थी। दूसरी एजेंसियों को जमीन से कब्जा हटाने के लिए निर्देश भी दिया गया था और कहा गया था कि अतिक्रमण हटाकर भूमि की तारबंदी कर दी जाए लेकिन उस आदेश का जमीन पर कोई पालन नहीं हुआ।

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