Tue. Oct 27th, 2020

नवरात्र के पहले दिन मां छिन्नमस्तिका दरबार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

रामगढ़ : झारखंड के एकमात्र सिद्ध पीठ रजरप्पा मां छिन्नमस्तिके दरबार में शारदीय नवरात्र की रौनक देखते बन रही है। नवरात्रि के पहले दिन ही यहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।

इस मंदिर में आस्था का ज्वार इस कदर फूटा मानो वर्षों से लोग इस मंदिर के दर्शन के लिए आतुर हों। कोरोना काल में 7 महीने मंदिर बंद होने के बाद 8 अक्टूबर से आम लोगों के लिए मंदिर का द्वार खुला है।

लेकिन श्रद्धालुओं का हुजूम नवरात्र में ही नजर आया है। यूँ तो सालों भर भक्तों का यहाँ ताँता लगा रहता है। लेकिन नवरात्र के समय इनकी संख्या में इजाफा हो जाता है। माँ दुर्गा के अनेक रूपों में से एक माँ छिन्नमस्तिका भी हैं।

ऐसी मान्यता है की कभी कुलमणि महामान्य मेघा भूमि का आश्रम यहाँ हुआ करता था। यहाँ के महाराज सुरथ देवी की आराधना किया करते थे। मुख्य मंदिर के चारों और हवन कुण्ड है और मंदिर का मुख्य द्वार पूर्वाभीमुखी है।

मंदिर के उत्तरी भाग में तांत्रिक घाट है। मुंड माला शोभित माँ छिन्नमस्तिका के दोनों और एक एक दिगंबर योगिनियाँ रक्तचाप करती हुयीं खड़ी हैं। दामोदर भैरवी नदी के किनारे स्थित रजरप्पा मंदिर के विषय पर लोगों का कहना है की रात में देवी यहाँ विचरण करती है।

जिसकी नुपुर ध्वनि आस पास के जंगलों में सुनाई पड़ती है। दुर्गा के शक्ति रूप होने के कारन यहाँ चैती और शरद नवरात्र में नौ दिन माँ की आराधना विधिवत की जाती है।

पुजारी असीम पंडा ने कहा कि नवरात्रि में 9 दिन तक यहां मां की आराधना की जाती है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की मन की मुराद मां पूरी करती हैं।

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