Mon. Oct 26th, 2020

चीन में ध्वस्त की गयीं 16000 मस्जिदें

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बीजिंग : एक ऑस्ट्रेलियाई थिंक टैंक के अनुसार, रेस्टिव क्षेत्र में व्यापक मानवाधिकारों के हनन हुआ है। रिपोर्ट में कह गया है कि चीनी अधिकारियों ने शिनजियांग में हजारों मस्जिदों को ध्वस्त कर दिया है।

अधिकार समूहों का कहना है कि उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के शिविरों में दस लाख से अधिक उइगर और अन्य ज्यादातर मुस्लिम तुर्क-भाषी लोगों को पारंपरिक और धार्मिक गतिविधियों को छोड़ने के लिए दबाव डाला गया है। सैकड़ों पवित्र स्थलों और सांख्यिकीय मॉडलिंग के उपग्रह चित्रण के आधार पर एक ऑस्ट्रेलियाई रणनीतिक नीति संस्थान की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 16,000 मस्जिदों को नष्ट या क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले तीन वर्षों में चीन ने इस हरकत को अंजाम दिया है और अनुमानित 8,500 मस्जिदें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि उरूमची और काशगर के शहरी केंद्रों के बाहर अधिक नुकसान हुआ है। कई मस्जिदों को ध्वस्त कर दिया गया था, उनके गुंबदों और मीनारों को हटा दिया गया था। रिसर्च के अनुसार, जो अनुमान लगाया गया था कि 15,500 के आसपास क्षतिग्रस्त मस्जिदों को शिनजियांग के आसपास छोड़ दिया गया था।

हालांकि इस रिपोर्ट के बाद चीन ने जोर देकर कहा है कि शिनजियांग के निवासी पूर्ण धार्मिक स्वतंत्रता का आनंद लेते हैं। रिसर्च के बारे में पूछे जाने पर चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इसमें कोई शैक्षणिक विश्वसनीयता नहीं थी और चीन विरोधी रिपोर्ट व चीन विरोधी झूठ का उत्पादन किया जा रहा है। मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि इस क्षेत्र में लगभग 24,000 मस्जिदें थीं।

 

 

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