Mon. Sep 21st, 2020

मुख्यमंत्री ने 96 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का किया उद्घाटन

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दुमका : इंडोर स्टेडियम दुमका में सरकार आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 96 करोड़ 97 लाख 72 हज़ार 900 रुपये के विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।

इसमें लगभग 80 करोड़ 18 लाख 38 हज़ार रुपये के आठ योजनाओं का शिलान्यास किया गया। वहीं 16 करोड़ 79 लाख 34 हज़ार 900 रुपये की राशि के 32 योजनाओं का उदघाटन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दुमका शहर में स्ट्रीट लाइट लगाने हेतु एक करोड़ का चेक कार्यपालक पदाधिकारी नगर पर्षद राहुल जी आनंद जी को सौंपा।

एक-एक लाभुकों के श्रवण यंत्र को स्वयं जांच कर दिया

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के परिसंपत्तियों का वितरण किया। श्रवण यंत्र वितरण के दौरान मुख्यमंत्री ने एक-एक लाभुकों के श्रवण यंत्र को स्वयं जांच कर लाभुकों को लगाने की विधि बतायी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना के दौरान लॉकडाउन की प्रक्रिया पूरे देश में अपनायी गयी। सभी लोग अपने अपने घरों में बंद हो गए।सभी ने लॉक डाउन के नियमों का सख्ती से पालन किया।

लेकिन कोविड-19 और लॉकडाउन के कारण कई व्यवस्थाएं, संस्थाएं ध्वस्त हो गई। छोटे मंझले उद्योग को लॉकडाउन और कोरोना के कारण झटका लगा। जो वास्तव में चिंता का विषय है। आज देश की अर्थव्यवस्था उलझ रही है कई कई लोगों के रोजगार जा रहे हैं।

लोगों के समक्ष कई प्रकार की कठिनाइयां उत्पन्न हुई है। सीएम ने कहा कि झारखंड राज्य भी कोरोना महामारी से अछूता नहीं रहा है। राज्य सरकार के समक्ष कोविड-19 किसी चुनौती से कम नहीं रही है।

सरकार बनते ही कोरोना महामारी ने पूरे राज्य को घेर लिया था। सरकार ने इस चुनौती का भी डट कर मुकाबला किया। झारखंड राज्य गरीब, किसान मजदूरों का राज्य है। यहां के कई गरीब किसान मजदूर दूसरे राज्यों में जाकर रोजगार करते हैं।

कोरोना महामारी के दौरान इन मजदूरों के साथ जो व्यवहार हुआ वह बहुत ही चिंताजनक है। महामारी के दौरान हमारे मजदूर गरीब भाई पैदल सड़कों पर अपने घर आने के लिए निकल पड़े।

इस प्रकार का भयावह दृश्य मैंने अपने जीवन में नहीं देखा। राज्य सरकार ने मजदूरों को उनके घर तक लाने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यहां के मजदूर भाई रोजगार के सहारे ही अपने जीवन यापन करते हैं।

रोजगार नहीं मिलने की स्थिति में उन्हें भूखा सोना पड़ता है। भूख से लोग नहीं मरे,इसके लिए कोविड-19 के दौरान मुफ्त भोजन की व्यवस्था की गई थी।

कोरोना महामारी के दौरान स्टेट हाईवे में प्रत्येक 20 किलोमीटर की दूरी पर किचन चलाकर राहगीरों को भी खाना खिलाने की व्यवस्था की गई थी। ग्रामीण क्षेत्रों में थानों में भी भोजन की व्यवस्था की गयी।

सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार कृत संकल्पित है। तेजी से कार्य योजना को धरातल पर उतारना राज्य सरकार का संकल्प है।

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